चंडीगढ़ : इस कारण सड़कों पर दिखी एक साथ 50 लैंबोर्गिनी कारें, जानिए पूरी कहानी

(Photo Credit: dainikjagran.com)

लैबॉर्गिनी कारों का काफिला जैसे ही सड़कों पर निकला तो लोग इन गाड़ियों को देखते रह गए

अगर किसी कार प्रेमी से उसकी पसंदीदा कार के बारे में बात करेंगे तो उसकी टॉप तीन पसंद वाली कार में लैंबॉर्गिनी का नाम तो होगा ही। किसी लैंबॉर्गिनी को सड़क पर चलते देखना एक सुखद अहसास होता है पर अगर एक साथ कई लैंबॉर्गिनी एक ही सड़क पर दौड़ने लगे तो फिर नजारा शानदार हो जाता है। बिल्कुल ऐसा ही नजारा चंडीगढ़ के लोगों ने महसूस किया। चंडीगढ़ की सड़कों पर ऐसा नजारा पहले कभी नहीं देखा गया था।
दरअसल रविवार सुबह करीब 10 बजे एकसाथ चमचमाती नई 50 लैंबॉर्गिनी कारें चंडीगढ़ की सडकों पर सरपट दौड़तीं नजर आईं। 50 लैंबॉर्गिनी कारों का काफिला जैसे ही शहर की सड़कों पर निकला तो लोगों की आंखें फटी की फटी रह गई। लोग इन महंगी गाड़ियों को देख हर कोई देखता ही रह गया. लोग यह जानने की कोशिश में था कि यह कारें कहां से आई और कहां जा रही हैं। 
दैनिक जागरण की जानकारी के अनुसार कारों का यह काफिला चंडीगढ़ से पहाड़ों की रानी कहे जाने वाले शहर शिमला के लिए रवाना हुआ है। दरअसल लैंबॉर्गिनी कारों को प्रमोट करने के लिए शहर की सड़कों पर पहली बार ऐसी किसी रैली का आयोजन किया गया। रैली शहर के हयात होटल इंस्ट्रियल एरिया फेज-1 से शुरू हुई जो कि मध्यमार्ग से होते हुए सेक्टर-26 ट्रांसपोर्ट चौक और हाउसिंग बोर्ड चौक के रास्ते शिमला के लिए रवाना हुईं। इस रैली में 50 लैंबॉर्गिनी कारों को शामिल किया गया है। यह रैली राजस्थान के जयपुर से शुरू हुई है जोकि शिमला तक जा रही हैं। लैंबॉर्गिनी कारों का यह काफिला शनिवार रात 10 बजे शहर पहुंचा था। वहीं, रविवार को शहर से रैली को हरी झंडी दिखाने के लिए लैंबॉर्गिनी इंडिया के हेड शरद अग्रवाल मौजूद रहे।
इस बारे में शरद अग्रवाल का कहना है कि गाड़ियों का ट्रायल पहले राजस्थान में किया गया है जो कि पूरी तरह से सफल रहा है। रेगिस्तान के सफल ट्रायल के बाद इसे चंडीगढ़ जैसे व्यवस्थित शहर में लेकर आए हैं और अब शिमला जाएंगे क्योंकि वहां पर पहाड़ों का अनुभव अनोखा होने के साथ रोमांच से भरा होगा। लैबॉर्गिनी कारों का काफिला जैसे ही सड़कों पर निकला तो लोग इन गाड़ियों को देखते रह गए।

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