गुजरात सरकार का बड़ा निर्णय : वायब्रेंट समिट स्थगित

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण लिया गया निर्णय, 10 से 12 जनवरी के बीच होने वाला था आयोजन

गुजरात से एक बड़ी खबर यह आई है कि आगामी 10 से 12 जनवरी के बीच प्रदेश में राज्य सरकार के तत्वावधान में आयोजित होने वाली वायब्रेंट समिट को कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेष पटेल ने मीडिया को इस संबंध में जानकारी दी। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल आज वायब्रेंट समिट की समीक्षा बैठक में हिस्सा लेने जाने वाले थे इससे ठीक पहले ये घोषणा की गई। 
बता दें कि प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हालांकि सुखद समाचार यह भी है कि संक्रमित होने वाले लोगों में अस्ताल में भर्ती कराने वाले मरीजों का औसत काफी काम है। फिर भी प्रदेश सरकार किसी प्रकार को जोखिम लेना नहीं चाहती है और विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना गाइडलाइंस का पालन करना ही संक्रमण को बढ़ने से रोकने के बेहतरीन उपाय है। इसी क्रम में वायब्रेंट समिट को स्थगित करना एक बड़ा घटनाक्रम है। 
यद्यपि सबसे ध्यानाकर्षक पहलू यह भी है कि प्रदेश में कोरोना संबंधी सरकार कामकाज से संबंधित पांच आला अधिकारी भी संक्रमित हो चुके हैं। इन पांच अधिकारियों में स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव  मनोज अग्रवाल, स्वास्थ्य आयुक्त जयप्रकाश शिवहरे, राजकुमार बेनिवाल, जे पी गुप्ता और हारित शुक्ला शामिल हैं।
बता दें कि वायब्रेंट समिटकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तभी से शुरु हुआ है। एक दशक से हो रहे इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में देश और विदेश से निवेश को बढ़ावा देना रहा है। इस बार के आयोजन में 25 से अधिक देश शामिल होने वाले थे। 10 से 12 जनवरी के बीच आयोजित होने वाले इस समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करने वाले थे। इतना ही नहीं, उद्घाटन समारोह में पांच देश के प्रधानमंत्री भी शामिल होने वाले थे। वहीं इस पूरे आयोजन के दौरान 15 देशों के विदेश मंत्री भी भाग लेने वाले थे। ये आयोजन हर दो वर्ष में किया जाता है। 

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