अहमदाबाद : ससुराल वालों ने कमाऊ बहू से भी दहेज की मांग की, प्रताड़ना बर्दाश्त नहीं होने आत्महत्या कर ली

प्रतिकारात्मक तस्वीर

बोडेली के दीवालीबा पार्क सोसायटी में रहने वाली और शिक्षिका के रुप में कार्यरत एक विवाहित महिला ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली

एक प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत एक महिला और परिवार की कमाने वाली बहू को भी दहेज के लिए इस कदर प्रताड़ित किया गया कि उसने अंतत: अपनी जीवन लीला समाप्त करने का फैसला कर लिया। बोडेली के दीवालीबा पार्क सोसायटी में रहने वाली और शिक्षिका के रुप में कार्यरत एक विवाहित महिला ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। मायके वालों ने ससुराल वालों के खिलाफ दहेज व मांग कर बार-बार तकरार कर असहनीय मानसिक प्रताड़ना देकर विवाहिता को मरने के लिए मजबूर की शिकायत की है। 
बोडेली की दीवालीबा पार्क सोसाइटी में अपने परिवार के साथ रहती शिल्पाबेन जम्बुघोड़ा तालुका के पनियारा प्राइमरी स्कूल में प्रिंसिपल के रूप में कार्यरत थी। शिल्पाबेन ने अज्ञात कारणों से गत गुरुवार को स्कूल में अवकाश रखा और अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इससे सोसायटी समेत पूरे शिक्षक समुदाय में हड़कंप मच गया।
जांच करने पर, यह पाया गया कि मूल रूप से लुनावाड़ा तालुका के नपनिया गांव की शिल्पाबेन की शादी 20 साल पहले लुनावाड़ा तालुका के कच्छिया गांव के प्रकाश मीठाभाई सोलंकी से हुई थी। शिल्पाबेन फिलहाल अपने पति प्रकाश के साथ बोडेली स्थित दिवालीबा सोसायटी में रह रही थीं। उनका एक बेटा और एक बेटी है जो वडोदरा में पढ़ते है। शिल्पाबेन जम्बुघोड़ा तालुका के पनियारा प्राइमरी स्कूल में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत थीं। पिछले गुरुवार को, अस्पष्ट कारणों से, स्कूल में अवकाश रखी थी  और बोडेली घर पर थी। इस बीच पति प्रकाश सोलंकी काम पर गए हुए थे।
प्रकाश सोलंकी शाम को काम से घर आए तो अंदर के कमरे में देखा कि उनकी पत्नी शिल्पा फांसी लगी हालत में थी। उसका शव पंखे से लटक रहा था। प्रकाशभाई के आवाज देने के बाद  आसपास के लोग एकत्रित हो गये। उन्होंने शिल्पाबेन के मायके फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी। इसलिए उन्होंने कहा कि जब तक हम नहीं आएंगे वे आगे कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। इसलिए प्रकाश सोलंकी ने रात को मायके के लोगों के आने पर थाने में सूचना दी। इस मामले में शिल्पाबेन की मौत को मायके वालों ने असहनीय मानसिक प्रताड़ना बताया, ससुराल वालों ने बार-बार दहेज और नकदी की मांग की और बार-बार झगड़ा किया। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को मरने के लिए मजबूर किया गया। ससुराल वालों की प्रताड़ना से त्रस्त होकर उसने आत्महत्या कर ली। इसलिए मायके वालों ने बोडेली थाने में पति, सास, ससुर, ननद, ननदोई के साथ-साथ देकर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
उधर, सबसे पहले पति आकर पत्नी को देखी थी। लेकिन मायके वालों की जिद के चलते उनके आने तक पति ने शव को वहां से नहीं हटाया और न ही अस्पताल ले गए। शिल्पाबेन की लाश घंटों लटकी पड़ी रही। मायके के लोगों के आने के बाद शव की जांच की गई। शिल्पाबेन के शव का पोस्टमॉर्टम किया गया और शव उसके पिता को सौंप दिया गया। बोडेली पुलिस ने महिला के परिवार के आरोप पर शिकायत दर्ज कर ली है और आगे की जांच कर रही है।

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