अहमदाबाद : 56 नोटों के साथ इंजीनियरिंग के एक छात्र को किया गिरफ्तार, पाक कनेक्शन संदेह

नकली नोट के साथ पकड़े गए आरोपी की तस्वीर (बीच में)

एक लाख नकली नोट बाजार में बेचने पर आरोपी को 10 हजार रुपए मिलते थे

एक बैंक से मिले 2000 रुपये के 42 जाली नोट, कैशियर भी नहीं पकड पाया नकली नोट को 
अहमदाबाद शहर में जाली नोटों के चलन की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। जिसमें नकली नोटों को सर्कुलेट करने का नया तरीका सामने आया है। 42 नकली नोट बैंक पहुंचे और बैंक के कैशियर को भी इसकी सूचना नहीं दी गई। क्राइम ब्रांच ने ऐसे कुल 98 नोट जब्त किए हैं और एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। हालांकि इस वारदात का मास्टरमाइंड अभी फरार है। जिसकी पुलिस ने तलाश शुरू कर दी है।
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने सोला निवासी दिलीप केशवाला नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है जो इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। दिलीप के पास से 2000 के 56 जाली नोट बरामद हुए हैं। उसे पहले 42 नकली नोटों की मदद से एक मोबाइल फोन और सोना खरीदते हुए पाया गया था। क्राइम ब्रांच ने बैंक से 42 नोट बरामद किए हैं। यानी अलग-अलग जगहों से कुल 1.96 लाख जाली नोट बरामद किए गए हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि ये सभी नोट उच्च गुणवत्ता के हैं। अधिकांश सुरक्षा विशेषताएं भी हैं। आशंका जताई जा रही है कि इन नोटों का पाकिस्तान से कनेक्शन है।
प्रतिवादी ने नकली नोटों को बाजार में परिचालित करने के लिए एक नया तौर-तरीका शुरू किया। जिसमें सोशल मीडिया पर डमी सिम कार्ड की मदद से ऑनलाइन सेवा के बहाने एक ग्रुप बनाया गया और उस ग्रुप के सदस्यों को कुली बनाकर पार्सल में नकली नोट भेजकर महंगे मोबाइल और उसके आधार पर सोना खरीदा गया। उनको बाद में सस्ती कीमत पर बेचा गया और मूल नोटों को आंगडीया फर्म में और वहां से बिटकॉइन में निवेश किया गया। हालांकि गिरफ्तार आरोपी दिलीप से पूछताछ के दौरान वह न तो मुख्य आरोपी से मिला और न ही उससे बात की। वहीं आरोपी को 1 लाख रुपये के जाली नोट चलाने के लिए 10 हजार रुपये मिलते थे। गौरतलब है कि पिछले 6 महीने से नकली नोटों का जाल बाजार में घूम रहा है। गिरफ्तार आरोपी दिलीप 5 महीने से संलिप्त था। वहीं, इस अपराध का मास्टरमाइंड भी अहमदाबाद का ही पाया गया है। हालांकि क्राइम ब्रांच अब इस बात की जांच कर रही है कि क्राइम में और कितने लोग शामिल हैं और ग्रुप में कितने नंबर हैं। इसने केंद्रीय एजेंसियों के साथ एक जांच भी शुरू की है कि क्या नकली नोट पाकिस्तान से आए थे।

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