70 हजार साल के बाद फिर देखने मिला यह अनोखा धूमकेतु, चीन के टेलिस्कोप ने खींची तस्वीर

(Photo Credit : twitter.com)

लियोनार्ड नामक हरा धूमकेतु 70 हजार साल बाद फिर से आ रहा था पृथ्वी की और, 1.60 लाख किलोमीटर प्रति घंटा की गति से बढ़ रहा था आगे

चीन के सेटेलाइट ने पृथ्वी की काफी नजदीक से गुजरने वाले लियोनार्ड नामक धूमकेतु की दुर्लभ तस्वीर खींची है। पिछले 70 हजार सालों में यह पहली बार है जब हरे धूमकेतु के नाम से पहचाना जाने वाला धूमकेतु पृथ्वी की इतनी नजदीक पहुंचा है। साल 2020 में विज्ञानियों ने इस धूमकेतु की खोज की थी। इसके बाद से यह धूमकेतु 1 लाख 60 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से आगे बढ़ रहा था। इस दौरान जब यह धूमकेतु पृथ्वी की सबसे नजदीक पहुंचा तब चीन के यांगवांग 1 टेलिस्कोप ने इस धूमकेतु की तस्वीर खींची थी। पिछली 12 दिसंबर को यह धूमकेतु 70 हजार सालों में पृथ्वी के सबसे नजदीक था। 
नासा के सोलर टेरेस्ट्रियल रिलेशंस ऑब्जर्वेटरी स्पेसक्राफ्ट (स्टीरियो-ए) और यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ईएसए) सोलर ऑर्बिटर ऑब्जर्वेटरी द्वारा इसका एक वीडियो भी बनाया गया था। स्टीरियो-ए नवंबर से हरे धूमकेतु की निगरानी कर रहा है। उनकी दर्जनों तस्वीरों ने नासा टीम को लघु एनिमेशन बनाने में मदद की है। धूमकेतु से निकलने वाली रोशनी को दिखाने के लिए नासा ने कई तस्वीरें जारी की हैं।
वैज्ञानिकों ने कहा कि इस बर्फीली चट्टान का भीतरी भाग सूर्य के अधिक निकट है, यह अधिक गर्म है। इससे पहले नीली धूल निकलती है, फिर पीली या सफेद और अंत में हरी। हरी पूंछ का मतलब है कि यह धूमकेतु बहुत गर्म है। इसमें बहुत अधिक साइनाइड और डायटोमिक कार्बन होता है और इसके टूटने की भी संभावना होती है। सदियों बाद, धूमकेतु लियोनार्ड 3 जनवरी, 2022 को सूर्य के पास पहुंचेगा। इस घटना को कैद के लिए नासा और ईएसए ने अपने उपग्रह उस दिशा में भेजे हैं। ये बर्फ और धूल के गुब्बारे लगभग 1 किमी चौड़े हैं।

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