ABTYP-अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद भारत को रक्त यूनिट्स के मामले में सम्पन्न बनाना चाहता है- संदीप कोठारी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अभातेयुप

अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद (अभातेयुप) जैन समुदाय के तेरापंथ संप्रदाय की युवा शाखा (विंग)


अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद (अभातेयुप) जैन समुदाय के तेरापंथ संप्रदाय की युवा शाखा (विंग) है। देश विदेश में अपनी 350 से अधिक सक्रिय शाखाओं और 45000 से अधिक ऊर्जावान और समर्पित युवाओं के राष्ट्रव्यापी तंत्र के बल पर अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद *मेगा रक्तदान अभियान (मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव)* के नाम से विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन करता है। भारत में इस समय लगभग 2 मिलियन रक्त यूनिट्स की न्यूनता है और वर्ष 2019 से पूरे विश्व को संकट की स्थिति में खड़ा करने वाली वैश्विक महामारी कोरोना और उससे बचाव के लिए हो रहे टीकाकरण ने रक्त यूनिट्स की इस कमी के स्तर को और कम कर दिया है। अपने मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव के माध्यम से अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद रक्त की न्यूनता को समाप्त कर भारत को रक्त यूनिट्स के मामले में सक्षम बनाने के लिए प्रयास करती है। समिति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत के प्रत्येक कोने में प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति को रक्त उपलब्ध हो। विगत कुछ वर्षों में अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद ने देश भर में अनेक रक्तदान शिविरों का आयोजन किया है। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद की इस प्रकार प्रकार की उल्लेखनीय गतिविधियों और उपलब्धियों के लिए उन्हें विभिन्न समाचार चैनलों और मीडिया जगत के माध्यम से अनेक बार भव्य कवरेज मिली है और देशभर में प्रसंशा भी प्राप्त हुई है। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के समर्पित स्वयंसेवक और एम्बेसेडर भारत को रक्त यूनिट्स के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अनथक और निरंतर कार्यरत हैं।

रक्तदान के क्षेत्र में अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद की कुछ प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं-

वर्ष 2012- परिषद ने अपने ब्रांड एंबेसडर के रूप में क्रिकेट जगत में 'भगवान' की उपाधि प्राप्त सचिन तेंदुलकर के साथ पहला मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव का आयोजन किया और एक ही दिन में पूरे भारत में 96600 रक्त यूनिट्स इक_े करने का कीर्तिमान बनाया।

वर्ष 2014- एक ही दिन में रक्त की 100212 यूनिट्स इक_ा करने के लिए अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद का नाम गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में सम्मिलित किया गया था। देश भर की कई बड़ी बड़ी हस्तियां इस 'लाल अर्थात रक्त क्रांति' का हिस्सा बनी।

वर्ष 2016- अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद ने एक मैराथन रक्तदान अभियान का आयोजन किया था। यह विश्व का सबसे लंबा रक्तदान अभियान था जिसमें 1 जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2016 तक पूरे भारत में प्रतिदिन रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। इस विशिष्ट प्रयास और उपलब्धि के लिए परिषद को भारत सरकार के साथ- साथ कई  राज्य सरकारों द्वारा सम्मानित किया गया और मान्यता भी दी गई।

अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद को जब यह ज्ञात हुआ कि प्लाज्मा कोविड-19 से लोगों की प्राण रक्षा कर सकता है, उसके तुरंत बाद परिषद ने देश भर में 3000 से अधिक प्लाज्मा दान शिविरों का आयोजन किया। कोविड-19 के कारण लगे राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान परिषद के भगीरथी प्रयास के कारण 55000 यूनिट से अधिक रक्त और कोरोना से ठीक हुए रोगियों से प्लाज्मा की 2000 यूनिट एकत्र की गई और देश के विभिन्न अस्पतालों और रक्त बैंकों में दान की गयीं। परिषद द्वारा किये गए ये सभी 'मील का पत्थर' समान कार्यों को वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर की 'रिकॉर्ड पुस्तकों' में दर्ज किया गया है। अब परिषद का मिशन रक्त दाताओं का सबसे बड़ा वर्चुअल डेटा बैंक का निर्माण करना है।

ग़ौरतलब है कि देशसेवा के प्रयासों के लिए अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद का नाम एशिया बुक्स ऑफ रिकॉर्ड्स, इंडिया बुक्स ऑफ रिकॉर्ड्स, ग्लोबल पेसिफिक रिकॉर्डस और एशिया पेसिफिक रिकॉर्डस आदि में सम्मिलित है। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद का मिशन, "भारत के प्रत्येक स्थान विशेषकर दूरस्थ कोनों में एक विश्वसनीय और उम्दा स्तर की रक्त यूनिट्स की आपूर्ति को कायम रखते हुए अधिक से अधिक लोगों की जीवन रक्षा करना है।" इस ध्येय को पूरा करने के लिए समाज के सहयोग और समर्थन के साथ उनको और आगे विस्तार करने और देश को रक्त यूनिट्स के मामले में सम्पन्न बनाने की आशा है।

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