सबसे गूढ़ संगीतज्ञा अन्नपूर्णा देवी जी नहीं रहीं!


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मुंबई । हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत बड़ी हस्ती अन्नपूर्णा देवी का शनिवार सुबह यहां के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। वह 89 वर्ष की थीं।

अस्पताल के एक सदस्य ने आईएएनएस को बताया, “उनका निधन शनिवार की सुबह हुआ।”

सुरबहार वादिका अन्नपूर्णा देवी सरोद वादक अलाउद्दीन खान की बेटी और शिष्या थीं।

अन्नपूर्णा देवी उस्ताद बाबा अलाउद्दीन खान और मदीना बेगम की बेटी थीं। पद्मभूषण से सम्मानित अन्नपूर्णा देवी का जन्म मध्यप्रदेश के मैहर नगर में हुआ था और वह अपने पिता की शिष्या थीं, भारतीय संगीत को जिनके योगदान से सेनिया-मैहर घराना अस्तित्व में आया।

उन्होंने प्रख्यात सितार वादक पंडित रविशंकर से विवाह किया था, लेकिन बाद में वे अलग हो गए। उनका एक बेटा शुभेंद्र ‘शुभु’ शंकर हुआ जिनका 1992 में निधन हो गया।

इसके बाद उन्होंने एक प्रबंधन सलाहकार ऋषिकुमार पांड्या से विवाह किया, जिनका 2013 में निधन हो गया था।

दिग्गज सितार वादक पंडित रवि शंकर की पूर्व पत्नी के निधन पर संगीतकार दुर्गा जसराज ने भी संवेदना व्यक्त करते हुए ट्विटर पर लिखा, “सबसे गूढ़ संगीतज्ञा अन्नपूर्णा देवी जी एक समृद्ध विरासत और पंडित हरि प्रसाद चौरसिया सहित अन्य शिष्यों को छोड़कर चली गईं। कामना करती हूं कि उनकी आत्मा को शांति मिलेगी।”

पंडित हरि प्रसाद चौरसिया ने कहा कि उन्होंने आज अपनी मां और गुरु को गंवा दिया है।

गीतकार-संगीतकार ए.आर. रहमान ने ट्वीट किया, “ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे। ससम्मान..अन्नपूर्णा देवी।”

https://twitter.com/arrahman/status/1051050298133946369

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को 89 वर्षीय हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीतज्ञा अन्नपूर्णा देवी के निधन पर शोक व्यक्त किया। ममता ने ट्वीट किया, “मैहर घराना की संस्थापक अन्नपूर्णा जी के निधन पर दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं।”

-आईएएनएस