सवालों का सवाल : पीएम मोदी को कितनी टक्कर दे पायेंगे सेना से बर्खास्त तेज बहादुर यादव


सपा ने वाराणसी में बदला प्रत्याशी, अब शालिनी की जगह तेज बहादुर होंगे पीएम मोदी से मुकाबिल

लखनऊ (ईएमएस)। सपा-बसपा गठबंधन ने वाराणसी सीट को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। समाजवादी पार्टी (सपा) ने वाराणसी लोकसभा सीट से प्रत्याशी बदलते हुए तेजबहादुर यादव को टिकट दिया है। तेजबहादुर यादव वही बीएसएफ जवान हैं, जिन्होंने भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाया था और इसके बाद उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। सपा ने देश की इस सबसे महत्वपूर्ण लोकसभा सीट पर पहले शालिनी यादव को टिकट दिया था। बाद में सपा ने अचानक अपना प्रत्याशी बदलते हुए तेज बहादुर को आगे किया है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुकाबला करेंगे।

सन 2017 में बीएसएफ के जवान तेज बहादुर यादव उस समय अचानक सुर्खियों में आ गए थे, जब उन्होंने सीमा पर खराब खाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर हड़कंप मचा दिया था। हरियाणा निवासी तेज बहादुर ने कहा कि वह सेना और पैरामिलिट्री फोर्सेज में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। वह पीएम मोदी के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उन्होंने जो अधूरे वायदे किए उनके खिलाफ वाराणसी आए हैं।

गौरतलब है कि सपा की शालिनी यादव और कांग्रेस के प्रत्याशी अजय राय का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिये कोई मुकाबला था ही नहीं। एक प्रकार से मोदी के खिलाफ मजबूत प्रत्याशी न उतारकर मानो उनके लिये मैदान खुला छोड़ दिया गया था। बता दें कि पिछले चुनाव में वाराणसी से प्रधानमंत्री मोदी को ५६ फिसदी वोट मिले थे। दूसरे नंबर में केजरीवाल को २० ‌और कांग्रेस के प्रत्याशी अजय राय को ७ फिसदी वोट मिले थे। अब महागठबंधन की ओर से तेज बहादुर यादव के मैदान में आने से मुकाबला सांकेतिक महत्व का अवश्य हो गया होगा लेकिन जहां तक नतीजों का संबंध है, आखिरी परिणाम शायद वही है जो पहने होना था। प्रधानमंत्री मोदी की जीत।

यद्यपि, भाजपा के सामने सेना के एक जवान को खड़ा कर देने से विपक्ष को प्रचार का एक मौखिक मुद्दा जरूर मिल गया है। भाजपा के नेता पहले ही समय-समय पर एयर स्ट्राईक की घटना का जिक्र अपने भाषणों में करते रहे हैं। इसका उन्हें लाभ भी मिल रहा था। अब कम से कम विपक्ष तेज बहादुर के नाम पर सेना के नाम पर वोट मांगने वालों को दर्पण अवश्य दिखा सकता है। केजरीवाल के इस ट्वीट से यह फलित भी होता है।