वंदेभारत एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी करने वालों की होगी पहचान


नई दिल्ली से वाराणसी तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस पर लगातार हो रही पत्थबाजी की घटनाओं पर भारतीय रेल ने कड़ा रुख अपनाया है।
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नई दिल्ली। नई दिल्ली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस पर लगातार हो रही पत्थबाजी की घटनाओं पर भारतीय रेल ने कड़ा रुख अपनाया है। जानकारी के मुता‎बिक पत्थरबाजी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए ट्रेन पर कैमरे लगाने का फैसला किया । भारत भारतीय रेल ने वंदेभारत एक्सप्रेस पर चार कैमरे लगाए हैं। इंजनलेस ट्रेन के 12 गिलास अब तक बदले गए हैं। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के महानिदेशक ने कहा कि 17 मार्च को पथराव की घटना हुई और हमने कैमरे की मदद ली। कैमरों के जरिये हमें मदद मिली जिससे हम उस इलाके की पहचान कर से जहां से पत्थरबाजी हुई थी। इससे पहले 24 फरवरी को डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस एक जानवर से टकरा गई जिसके चलते ट्रैक पर बिछी गिट्टियां उड़कर वंदे भारत एक्सप्रेस की खिड़कियों पर जा पड़ीं थी। गिट्टियों की वजह से ट्रेन की खिड़कियों के कांच और ड्राइवर की विंड स्क्रीन को नुकसान पहुंचा था। पत्थरों से ड्राइवर की विंड स्क्रीन और कोच नंबर सी4, सी6, सी7, सी8, सी13 के एक-एक और सी12 के दो विंडो पैन को नुकसान पहुंचा है। सेमी हाई स्पीड ट्रेन 18 का नाम हाल में वंदे भारत एक्सप्रेस कर दिया गया था। यह ट्रेन अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है। इसमें शताब्दी ट्रेनों से भी बेहतर सुविधा इसमें है। इस सेमी-हाई स्पीड ट्रेन का उदघाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 फरवरी को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से किया था। हालांकि आम लोगों के लिए ट्रेन का परिचालन 17 फरवरी से शुरू हुआ था।

– ईएमएस