गुजरात में सरदार पटेल की मूर्ति से यूपी का सियासी समीकरण फिट करने की कोशिश


गुजरात में ३१ अक्टूबर को सरदार पटेल की मूर्ति के अनावरण के साथ भाजपा यूपी का सियासी समीकरण फिट करने की कोशिश में लगी है।
(Photo: IANS)

नई दिल्ली। गुजरात में ३१ अक्टूबर को सरदार पटेल की मूर्ति के अनावरण के साथ भाजपा यूपी का सियासी समीकरण फिट करने की कोशिश में लगी है। दरअसल भाजपा की यूपी के ओबीसी मतदाताओं पर नजर है इसीलिए सरकार ने ३० अक्टूबर को सरदार पटेल की मूर्ति के अनावरण के मौके पर यूपी के वाराणसी से आनंद तक स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है। इस एकता ट्रेन के माध्यम से यूपी के लोग गुजरात जाएंगे। 30 अक्टूबर को वाराणसी से केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल हरी झंडी दिखाकर एकता ट्रेन को रवाना करेंगी।

ये एकता ट्रेन 30 अक्टूबर को सुबह ९:३० बजे वाराणसी से चलेगी और ३१ अक्टूबर को सुबह ११ बजे गुजरात के आनंद पहुंचेगी। इस एकता ट्रेन के माघ्यम से यूपी के लोग गुजरात जाएंगे। एकता ट्रेन सरदार पटेल के पैतृक गांव करमसद भी जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी, सरदार पटेल की जयंती पर आगामी ३१ अक्टूबर को सरदार पटेल की मूर्ति अनावरण करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात को उम्मीद है कि ‘आयरन मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से मशहूर सरदार वल्लभ भाई पटेल की विशालकाय प्रतिमा से राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

गुजरात में सरदार पटेल की प्रतिमा को दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा बताया जा रहा है। इसे ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का नाम दिया है। 182 मीटर ऊंची यह विशाल प्रतिमा देश के पहले गृहमंत्री को श्रद्धांजलि होगा, जिन्होंने १९४७ के विभाजन के बाद राजाओं-नवाबों के कब्जे वाली रियासतों को भारत संघ में मिलाने में अहम योगदान दिया था। यह प्रतिमा मौजूदा समय में विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा चीन के स्प्रिंग टेम्पल ऑफ बुद्ध से भी २९ मीटर ऊंची है। चीन की प्रतिमा की ऊंचाई १५३ मीटर है। सरदार पटेल की प्रतिमा न्यूयॉर्क स्थित ९३ मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से लगभग दोगुना बड़ी है। इस परियोजना (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) की देखभाल कर रहे सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड (एसएसएनएनएल) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक एस.एस.राठौड़ ने कहा कि अभी इसकी गैलरी को अंतिम रूप दिया जा रहा है जो कि १५३ मीटर ऊपर स्थित है। इस गैलरी में एक समय में करीब २०० पर्यटकों को समायोजित किया जा सकता है।

यहां से सरदार सरोवर बांध और सतपुड़ा व विंध्य की पर्वत श्रृंखला तथा अन्य जगहों का दीदार किया जा सकेगा। विंध्याचल व सतपुड़ा की पहाड़ियों के बीच नर्मदा नदी के साधु बेट टापू पर बनी दुनिया की सबसे ऊंची इस मूर्ति को बनाने में करीब २३८९ करोड़ रु खर्च हुए हैं।
राज्य सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से राज्य के पर्यटन विभाग को बहुत फायदा होगा। इसके बनने से प्रतिदिन करीब १५००० पर्यटक के यहां आने की संभावना है और इससे गुजरात देश का सबसे व्यस्त पर्यटक स्थल बन सकता है। राठौड़ ने कहा कि २५० इंजीनियर और ३४०० श्रमिक इस परियोजना पर काम कर रहे हैं। इसमें 2 हाई स्पीड लिफ्ट भी होंगी जिससे एक समय में करीब ४० लोग गैलरी तक जा सकते हैं।

यहां एक संग्रहालय में सरदार पटेल के जीवन से जुड़ी घटनाओं पर लाइट एंड साउंड शो भी होगा। स्टैच्यू के ऊपरी हिस्से में ३०६ मीटर पैदल पथ को पूरी तरह से मार्बल से तैयार किया गया है। इसके अलावा दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी पैदल पथ होगा। राठौड़ ने कहा कि परियोजना से जुड़े बाकी काम इसके उद्घाटन होने से पहले पूरा किया गया जाएगा। प्रतिमा के पास स्थित पहाड़ियों पर फूलों को लगाया जा रहा है जिससे यहां से नजारा ‘फूलों की घाटी’ जैसा दिखेगा।

कंस्ट्रक्शन कंपनी लार्सन एंड टर्बाे द्वारा बनाई गई स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परियोजना को दिसंबर २०१४ में शुरू किया गया था जिसे ४२ महीनों को अंदर पूरा किया जाना था। लेकिन इसकी डिजाइन के काम के कारण इसके निर्माण की अवधि को और चार महीने के लिए बढ़ा दिया था।

– ईएमएस