‘मी टू’ में फंसे जौहरी छुट्टी पर


(File Photo: IANS)

मुंबई। एक अज्ञात महिला लेखक द्वारा यौन शोषण के आरोप में फंसे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल जौहरी अब छुट्टियों पर जा रहे हैं। इसी दौरान उन्हें प्रशासकों की समिति (सीओए) ने उनके ऊपर लगे आरोपों की सफाई देने के लिए सप्ताह भर का समय दिया है।

जौहरी पर एक ट्वीटर हैंडल पर एक अन्य महिला द्वारा लिखे गए पत्र के स्क्रीनशॉट्स जारी किए गए थे जिसमें जौहरी पर उस अज्ञात महिला लेखक से यौन शोषण के आरोप लगाए थे।

इस पर संज्ञान लेते हुए सीओए ने जौहरी से आरोपों की सफाई देने के लिए सात दिन का समय दिया था।

वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो की रिपोर्ट के मुताबिक, जौहरी इस समय छुट्टी पर जा रहे हैं और इसी बीच वह अपने जवाब पेश करेंगे। इस दौरान बीसीसीआई का कामकाज सीओए के हवाले होगा।

वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, जब से जौहरी पर आरोप लगे हैं उसके बाद से उन्होंने एक भी बार बीसीसीआई मुख्यालय स्थित अपने ऑफिस में कदम नहीं रखा है। जौहरी ने सीओए से अपील की थी कि वह सिंगापुर में इसी सप्ताह के अंत में होने वाली अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की बैठक में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।

सीओए जौहरी की गैरमौजूदगी में बीसीसीआई के कामकाज के लिए ऑपरेशंस टीम पर निर्भर रहेगी।

सीओए के चैयरमेन विनोद राय ने क्रिकइंफो से कहा, “हम इस मुद्दे को धीरे-धीरे बढ़ने देना नहीं चाहते इसलिए हमने जौहरी को सात दिन का समय दिया है ताकि वह अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई दे सकें। उन आरोपों के पीछे कोई अज्ञात है। वह शिकायत एक अनजान ट्वीटर हैंडल पर उस वक्त की है जब जौहरी बीसीसीआई में थे भी नहीं। सीओए को लगा कि हमारे लिए और उनके लिए यह सही होगा कि हम उन्हें सफाई देने का मौका दें।”

सीओए के अलावा जौहरी पर फैसला बीसीसीआई की कानूनी टीम भी लेगी और अगर जरूरत पड़ी तो अप्रैल में महिलाओं के खिलाफ कामकाजी जगह पर यौन उत्पीड़न एक्ट 2013 के तहत बनाई गई समिति भी इसमें दखल दे सकती है।

-आईएएनएस