सीबीआई में आला अधिकारियों की जंग : पीएमओ नाराज, डोभाल संभालेंगे मोर्चा


केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में इस दिनों घमासान मचा है। वहां नंबर एक बनाम नंबर दो के बीच की लड़ाई और भी गंभीर हो गई है।

अस्थाना टीम का डीएसपी गिरफ्तार

नई दिल्ली (ईएमएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में इस दिनों घमासान मचा है। वहां नंबर एक बनाम नंबर दो के बीच की लड़ाई और भी गंभीर हो गई है।

एक हैरतअंगेज घटनाक्रम में सीबीआई ने सोमवार को अपने ही मुख्यालय में छापा मारकर मीट कारोबारी मोईन कुरैशी करप्शन केस से जुड़े दस्तावेज जब्त किए। वहीं, इस केस को कमजोर करने के आरोप में मामले के जांच अधिकारी और अस्थाना की टीम के अहम सदस्य डीएसपी देवेंद्र कुमार को गिरफ्तार भी किया गया है। उधर आस्थाना ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

सीबीआई में जारी इस ‘जंग’ पर सरकार की कड़ी नजर है। सूत्रों के अनुसार सरकार इस मामले के तथ्य जांच करने के लिए एनएसए अजीत डोभाल को मोर्चे पर लगा सकती है। कहा जा रहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने भी इस घटनाक्रम पर अपनी नाराजगी भी जताई है।

सीबीआई के शीर्ष अधिकारियों के बीच खींचतान के बाद रविवार देर रात से ही पीएमओ में मीटिंग का दौर चालू है। सूत्रों के अनुसार, आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना दोनों को ही समन कर पीएम ने अपनी नाराजगी जता दी है। सरकार इस विवाद को जल्द खत्म करना चाहती है। इस मामले में वह कानूनी राय भी ले रही है।

सूत्रों के अनुसार, पीएम चाहते हैं कि दोनों ही अधिकारी इस जांच एजेंसी से अलग हो जाएं। ऐसे भी संकेत मिल रहे हैं कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को इस मामले को देखने को कहा जा सकता है। आलोक वर्मा का कार्यकाल अगले साल जनवरी तक है। राकेश अस्थाना गुजरात काडर के आईपीएस हैं।

डायरेक्टर आलोक वर्मा की पीएम से मुलाकात भी की थी। मुलाकात के एक घंटे बाद इस केस से जुड़े डीएसपी रैंक के अधिकारी देवेंद्र कुमार गिरफ्तार हो गए और उसके कुछ देर बाद तमाम अधिकारियों के ठिकानों पर सीबीआई ने छापे मारे। मंगलवार को इस मामले के कानूनी चौखट तक पहुंचने के पूरे आसार हैं। सूत्रों के अनुसार, छापे में बहुत सारे कागजात और केस डायरी जब्त किए गए हैं। हालांकि सीबीआई ने इस केस में पूरी तरह चुप्पी साध ली है और मीडिया से कोई भी जानकारी साझा करने से इनकार किया जा रहा है।