नोएडा-ग्रेनो के ये ३ उद्योगपति हैं दुनिया के शीर्ष अरबपतियों में शुमार


दिल्ली से सटे यूपी के नोएडा की कंपनी पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर को फोब्र्स मैगजीन ने दुनिया के अरबपतियों में शुमार किया है।
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नई दिल्ली । दिल्ली से सटे यूपी के नोएडा की कंपनी पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर को फोब्र्स मैगजीन ने दुनिया के अरबपतियों में शुमार किया है। उन्हें भारत में ७४वीं और दुनिया में ८७७वीं रैंक दी गई है। सूची में शहर की आईटी कंपनी एचसीएल के चेयरमैन शिव नादर और रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ के चेयरमैन कुशलपाल सिंह भी हैं।

पेटीएम का मुख्यालय शहर के सेक्टर-६ में है। विजय शेखर ने यहीं वर्ष २०११ में इसकी स्थापना की थी। इससे पहले वर्ष २००० में वन-९७ कंपनी की शुरुआत की थी। बेहद कम समय में पेटीएम ने बड़ा मुकाम हासिल किया है। फोब्र्स ने इस साल विजय शेखर को २६० करोड़ डॉलर का मालिक माना है। विजय शेखर मूल रूप से अलीगढ़ के निवासी हैं। उन्होंने दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की है। हालिया सरकार ने नोटबंदी का फैसला लिया तो पेटीएम को उसका बड़ा लाभ मिला। पेटीएम से रोजाना १.६ करोड़ ट्रांजेक्शन हो रहे हैं। २०१७ की रैंकिंग में फोब्र्स ने शर्मा को भारत का सबसे कम उम्र का अरबपति घोषित किया था।

पेटीएम संस्थापक विजय शेखर शर्मा के पिता सुलोम प्रकाश शर्मा एक टीचर थे। वह हरदुआगंज के अग्रसेन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त हुए थे। गत वर्ष उनका निधन हो गया था। सुलोम प्रकाश शर्मा शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के पक्षधर थे। विजय शेखर की पढ़ाई हिन्दी माध्यम में हुई थी। विजय शेखर शर्मा का एक और सपना संस्कृत बैंड बनाने का है। दरअसल, वह संस्कृत में गाने वाला एक बैंड बनाना चाहते हैं। अपने स्कूली दिनों में उन्होंने संस्कृत पढ़ी थी। शर्मा बोनो और क्रिस मार्टिक के प्रशंसक हैं। तभी से उनकी यह इच्छा है कि संस्कृत में गाने वालों का भी बैंड हो। विजय शेखर ने हिन्दी माध्यम से अपनी पढ़ाई की थी।

आईटी कंपनी एचसीएल के चेयरमैन शिव नादर रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ के चेयरमैन कुशलपाल सिंह एक बार फिर फोब्र्स के अरबपतियों में शामिल हैं। नोएडा के विकास में बड़ा योगदान देने वाली आईटी सेक्टर की अग्रणी कंपनी एचसीएल के शिव नादर को दुनिया में ८२वां स्थान मिला है। उनकी कुल संपत्ति १४६० करोड़ डॉलर आंकी गई है। शिव नादर की प्रारंभिक पढ़ाई तमिल में हुई थी। २२ वर्ष की उम्र तक वह अंग्रेजी नहीं बोल पाते थे। उन्होंने ग्रेटर नोएडा में शिव नादर यूनिवर्सिटी की स्थापना की है। शिव नादर ने तमिल में पढ़ाई की थी।

डीएलएफ के चेयरमैन कुशलपाल सिंह ग्रेटर नोएडा के कलौंदा गांव के मूल निवासी हैं। वह लगातार ११ वर्षों से इस लिस्ट में हैं। उन्हें दुनिया में ३९४वां स्थान मिला है। संपत्ति ४७० करोड़ डॉलर है। केपी सिंह कह उम्र ८७ साल है। १९५० के दशक में डीएलएफ ने दिल्ली में कई शानदार इमारतों का निर्माण किया था। यह कंपनी उनके ससुर ने स्थापित की थी। उन्हें गोल्फ खेलने और कलाकृतियां एकत्र करने का शोक है। केपी सिंह भारतीय सेना से लौटकर इस कारोबार में शामिल हुए थे। गुड़गांव शहर के विकास में डीएलएफ कंपनी का बड़ा योगदान है। उनकी बेटी कंपनी संचालन में सहयोगी हैं।

– ईएमएस