अमेरिका द्वारा जीएसपी सुविधा छीने जाने के विरुद्ध डब्ल्यूटीओ जा सकता है भारत


अमेरिका की ट्रंप सरकार ने भारत से जीएसपी (जेनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंस) की सुविधा छीने जाने पर आपत्ति दर्ज कराई है।
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नई दिल्‍ली । अमेरिका की ट्रंप सरकार ने भारत से जीएसपी (जेनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंस) की सुविधा छीने जाने पर आपत्ति दर्ज कराई है। अब भारत इस फैसले के खिलाफ विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) जाने की तैयारी में है। जानकारी मुताबिक में भारत सरकार की ओर से डब्ल्यूटीओ में चुनौती देने समेत विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।

एजेंसी सूत्रों ने कहा कि भारत सरकार अमेरिका के निर्णय से प्रभावित क्षेत्रों को वित्तीय समर्थन देने के अलावा अमेरिकी वस्तुओं पर जवाबी शुल्क लगाने के विकल्प भी अपना सकती है। हालांकि एक अन्य सूत्र का कहना है कि डब्ल्यूटीओ में प्रक्रिया लंबी चल सकती है। ऐसे में बेहतर विकल्प यह है कि इस मुद्दे का समाधान द्विपक्षीय बातचीत से किया जाए क्योंकि अमेरिका के साथ व्यापार में भारत का निर्यात, आयात से अधिक है। मालूम हो कि अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने मंगलवार को विकासशील देशों की मदद के लिए व्यापार में वरीयता देने की सामान्य व्यवस्था (जीएसपी) कार्यक्रम के तहत भारत को रियायती आयात शुल्क का लाभ वापस लेने का फैसला किया था। लाभ हटाने का मतलब है के अमेरिका भारत के करीब २,००० प्रोडक्‍ट पर हाई ड्यूटी लगाएगा जिससे कीमत के संदर्भ में ये अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धी नहीं रह जाएंगे।

वैसे तो सरकार की ओर से यह कहा गया है कि ट्रंप प्रशासन के इस फैसले का असर भारत के कारोबार पर नहीं पड़ेगा लेकिन आर्थिक मामलों के जानकारों की मानें तो ५.६ अरब डॉलर का निर्यात प्रभावित हो सकता है। इसका सबसे ज्‍यादा प्रभाव स्‍मॉल एंड मीडियम इंडस्‍ट्री पर पड़ने वाला है। इसके अलावा रोजगार के अवसर भी कम होने की आशंका है। इस बीच अमेरिका का व्‍यापार घाटा बढ़ता जा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार के मोर्च पर सख्ती के बावजूद पिछले साल के दौरान अमेरिका का व्‍यापार घाटा १० साल की ऊंचाई पर पहुंच गया। यह २०१८ में १२.५ फीसदी बढ़कर ६२१ अरब डॉलर पर पहुंच गया। इस दौरान आयात और निर्यात दोनों में ही वृद्धि हुई और ये अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गए।

– ईएमएस