पीएम के पीछे पड़ा है चार अफसरों का गैंग : स्वामी


सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने बड़ा आरोप लगाया है। कहा कि देश के चार बड़े अधिकारी प्रधानमंत्री मोदी के पीछे पड़े हैं और उनका भला नहीं चाहते।
(File Photo: IANS)

नई दिल्ली। देश की शीर्ष जांच एजेंसी सीबीआई के नंबर एक और नंबर दो अधिकारी ने एक-दूसरे पर रिश्वतखोरी के आरोप लगाए हैं। मामला देश की सबसे बड़ी अदालत के दरवाजे तक जा पहुंचा है।  इस बीच भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने बड़ा आरोप लगाया है। स्वामी ने कहा कि देश के चार बड़े अधिकारी प्रधानमंत्री मोदी के पीछे पड़े हैं और उनका भला नहीं चाहते। गुजरात के अहमदाबाद में स्वामी ने सीबीआई विवाद पर कहा कि पिछले दिनों जो भी हुआ वह दुखद घटना है। अफसरों में चार लोगों की गैंग बनी है। यह गैंग पीएम मोदी के हित में कुछ भी नहीं करती। इस गैंग में हंसमुख अढ़िया और राकेश अस्थाना समेत चार लोग शामिल हैं। ये लोग अपनी दादागीरी करते हैं। बता दें कि हंसमुख अढ़िया वित्त सचिव हैं और राकेश अस्थाना सीबीआई में नंबर दो थे।

सुब्रमण्य स्वामी ने कहा कि मैं पीएम मोदी का समर्थक हूं लेकिन कुछ लोगों की गैंग है, जो उनके साथ कुछ भी अच्छा नहीं होने देना चाहती। उनके साथी ही उनके पैर काट रहे हैं। स्वामी ने इस बहाने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा चिदंम्बरम सबसे भ्रष्ट नेता हैं, अढ़िया और अस्थाना जैसे लोग उन्हें बचाने में लगे हैं। मेरी पीठ में छुरा घोंपा जा रहा है। चिदंबरम को हमारी सरकार के मंत्री बचा रहे हैं। मैं जल्द ही मंत्रियों के नाम का खुलासा करूंगा। सीबीआई के वर्तमान विशेष निदेशक राकेश अस्थाना समेत चार लोगों के खिलाफ सीबीआई ने रिश्वत लेने का मुकदमा दर्ज किया है। सीबीआई ने इस मामले मे अपने ही डीएसपी देवेंद्र कुमार पर छापा मार कर आठ मोबाइल फोन बरामद किए है। डीएसपी देवेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया गया, फिलहाल वह रिमांड पर है।

सीबीआई ने इस मामले में जो एफआईआर दर्ज की है, उसमें स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना सीबीआई के नंबर दो अधिकारी हैं। इन पर मशहूर मीट कारोबारी मोइन कुरैशी के मामले में सतीश साना नाम के एक शख्स से दो करोड़ रुपए की रिश्वत लेने का आरोप है। सीबीआई ने अपनी एफआईआर में यह भी कहा कि इस रिश्वत कांड के तार दिल्ली से लेकर दुबई तक जुड़े हुए है।

सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना ने भी इस एफआईआर पर पलटवार किया और कहा कि उनके खिलाफ ये मुकदमा सोची समझी साजिश के तहत दर्ज किया गया है। अस्थाना के मुताबिक वह खुद निदेशक आलोक वर्मा के भ्रष्टाचार के आरोपों की फेहरिस्त प्रधानमंत्री कार्यालय और केन्द्रीय सर्तकता आय़ुक्त को अगस्त माह में ही दे चुके है। यह भी आरोप लगाया गया कि दो करोड रुपए की रिश्वत उन्होंने नहीं सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा ने ली है।

– ईएमएस