चुनाव प्रचार के इस मौसम में सबसे अधिक ब्रांड योगी की चर्चा


पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के स्टार प्रचारकों में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मांग सबसे ज्यादा है
भाजपा के स्टार प्रचारकों में पीएम मोदी के बाद सबसे अधिक मांग योगी की

लखनऊ। पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के स्टार प्रचारकों में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद सबसे ज्यादा है। लोकप्रियता के लिहाज से वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद दूसरे स्थान पर आते हैं। सभी चुनावी राज्यों से उनकी मांग की जा रही है। 17 नवंबर को वह वाराणसी में आयोजित होने वाली एक बाइक रैली में हिस्सा लेंगे। इसके बाद वह सघन चुनाव प्रचार में जुट जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय इलाके में होने वाली इस बाइक रैली में भाग लेने के अगले ही दिन वह चुनाव प्रचार के लिए छत्तीसगढ़ रवाना हो जाएंगे। छत्तीसगढ़ में वह पहले ही कई रैलियां कर चुके हैं। जसपुर में योगी ने सोनिया गांधी का नाम लिए बिना ही धर्म परिवर्तन के लिए ‘इटली के सौदागरों’ को ज़िम्मेदार ठहराया था। इससे पहले एक चुनावी सभा में योगी ने कहा जो पार्टी राम के लिए नहीं, वह किसी के काम की नहीं। हाल के दिनों में योगी आदित्यनाथ ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में विशेष दिलचस्पी ली है। आपको याद होगा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह का नामांकन कराने के लिए भी वह उत्तर प्रदेश गए थे। योगी छत्तीसगढ़ में अब तक 26 चुनावी सभाएं कर चुके हैं।

भाजपा के स्टार प्रचारक के रूप में योगी की मांग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बाद सबसे अधिक है। इसके बाद वह मध्य प्रदेश और राजस्थान के तूफानी चुनावी दौरे पर निकलने वाले हैं। योगी की सन्यासी वेशभूषा और हिंदूवादी छवि लोगों को लुभाती है। गुजरात से लेकर त्रिपुरा और कर्नाटक के चुनाव में भी योगी का जादू ख़ूब चला। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना और मिज़ोरम के चुनाव प्रचार में योगी आदित्यनाथ रैलियों की सेंचुरी लगाने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की व्यस्तताओं के कारण अब वे भाजपा के सबसे बड़े स्टार प्रचारक बन गए हैं।

19 नवंबर से योगी मध्यप्रदेश के दौरे पर निकल रहे हैं। जहां भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नर्मदा यात्रा में भी योगी एक दिन उनके साथ रहे थे। मध्यप्रदेश में चुनाव प्रचार के मामले में भी योगी अन्य लोगों से आगे हैं। एससी-एसटी एक्ट में संशोधन को लेकर अगड़ी जाति के लोग भाजपा से नाराज़ हैं। पार्टी को लगता है कि योगी की छवि और उनके तेवर इस नाराज़गी को कम कर सकता है। मध्यप्रदेश में विधानसभा की सभी 230 सीटों पर 28 नवंबर को मतदान होगा। 26 तारीख़ से योगी आदित्यनाथ राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार पर निकलेंगे। लगातार चार दिनों तक उनकी राज्य में धुंआधार प्रचार करने की योजना है।
यहां कांग्रेस के मुक़ाबले भाजपा की हालत कमजोर होती जा रही है। वसुंधरा राजे सिंधिया की सरकार से लोग नाराज़ बताए जाते हैं। वैसे भी राजस्थान में हर 5 साल के बाद सरकार बदल जाने का चलन रहा है। चुनावी सर्वेक्षणों ने पार्टी नेताओं की धड़कनें बढ़ा दी हैं। भाजपा को प्रधानमंत्री मोदी के बाद सबसे अधिक सीएम योगी से ही उम्मीदें हैं। राजस्थान से लगातार योगी की रैली की डिमांड बढ़ती जा रही है। तेलंगाना में भाजपा का बहुत कुछ दांव पर नहीं है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वहां भी 2 दिसंबर को चुनाव प्रचार के लिए जा रहे हैं। टीआरएस से मुक़ाबले के लिए तेलुगु देशम ने कांग्रेस से गठबंधन किया है। मिज़ोरम के विधानसभा चुनाव में भी योगी चुनाव प्रचार की कमान संभालेंगे।

उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही योगी राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़े नेता बन कर उभरे हैं। वह गोरक्ष पीठ के महंत और नाथ संप्रदाय के अगुआ दोनों हैं। इस संप्रदाय के अनुयाई हरियाणा, कर्नाटक से लेकर गुजरात तक फैले हुए हैं। त्रिपुरा के चुनाव में योगी के कारण नाथ संप्रदाय के लाखों लोगों ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया था। योगी आदित्यनाथ के हाल के फ़ैसलों ने उनकी हिंदूवादी छवि को और मज़बूत किया है। इलाहाबाद को प्रयागराज और फैजाबाद को अयोध्या बनाने पर भले ही विपक्ष उनका विरोध करे लेकिन उनके समर्थक इन फ़ैसलों से गदगद हैं। अयोध्या में भव्य दीपावली मनाने पर भी योगी सरकार की ख़ूब चर्चा रही। योगी भी अपनी चुनाव सभाओं में अपनी पसंद के मुद्दे उठाते हैं। राम मंदिर से लेकर धर्म परिवर्तन के बहाने वे कांग्रेस को घेरने में जुटे हैं। चुनावी मौसम में सबसे अधिक चर्चा ब्रांड योगी की हो रही है।

– ईएमएस