किरायेदारों के जरिये टैक्स चोरों पर कसेंगा शिकंजा, 15 हजार लोग चिन्हित


आयकर विभाग ने किरायेदारों के जरिए टैक्स चोरी करने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है।

नई दिल्ली । आयकर विभाग ने किरायेदारों के जरिए टैक्स चोरी करने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। आयकर विभाग ने अपार्टमेंट ऑनर एसोसिएशन (एओए) और रेजीटेंड वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) की मदद से १५ हजार लोगों को चिन्हित किया है। इन किरायेदारों को जनवरी के पहले सप्ताह में नोटिस भेजकर जवाब-तलब किया जाएगा। आयकर विभाग की माने तो शहर में ५० हजार से अधिक ऐसे किरायेदार है, जिनके मकान मालिक अपनी आयकर रिटर्न फाइल में किराये की राशि को नहीं दिखा रहे हैं, जबकि मकान मालिकों को लाखों रुपये की कमाई हो रही है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई के लिए किरायेदारों का डाटा तैयार किया जा रहा है। आयकर विभाग को किरायेदारों की सूची एओए और आरडब्ल्यूए से मिलनी शुरू हो गई है। वहीं आयकर विभाग ने ८५ से अधिक पॉश सोसायटियों में नोटिस भेजे हैं। उन नोटिसों का आयकर विभाग को जवाब मिलने भी लगे हैं। इसके लिए आयकर विभाग के तीन आयकर अधिकारी (आरटीओ) लगे हैं।

आयकर अधिकारियों का कहना है कि एओए से किरायेदारों की सूचना मिलनी शुरू हो गई है। अभी तक १५ हजार से अधिक किरायेदारों की सूचना मिल चुकी है। विभाग को ५० हजार किरायेदारों की सूचना मिलने की उम्मीद है। जनवरी के पहले सप्ताह में ही १५ हजार किरायेदारों को नोटिस भेज उनके और मकान मालिक के संपत्ति व किराये से संबंधित सूचना मांगी जाएगी। नोटिस में किरायेदारों से जानकारी प्राप्त है कि जाएगी कि आप कब से किराये पर रह रहे हैं। मासिक कितना किराया दे रहे हैं। प्रति वर्ष कितना किराया बढ़ाकर देना होता है। अभी कितना किराया दे रहे हैं। आयकर अधिकारी प्राप्त सूचनाओं के आधार पर यह भी देखेंगे कि कहीं रिटर्न फाइल में दर्ज बैंक खाते और किराये से प्राप्त हो रही राशि का बैंक खाता अलग-अलग तो नहीं है। किरायेदारों से सूचना मिलने के बाद मकान मालिक की आयकर रिटर्न फाइल से जांच की जाएगी। देखा जाएगा कि मकान मालिक ने आयकर रिटर्न फाइल में किराये की धनराशि को शामिल कर रखा है या नहीं। अगर किराये की राशि को रिटर्न फाइल में शामिल नहीं कर रखा है तो मकान मालिक को नोटिस भेजकर जवाब-तलब किया जाएगा। ३ आयकर अधिकारी किरायेदारों के माध्यम से सूचना मिलने के बाद उनके मकान मालिक के आयकर फाइल भी खंगालेंगे। अगर रिटर्न फाइल में किराये की राशि का जिक्र कर रखा है तो नोटिस नही भेजा जाएगा। रिटर्न फाइल में किराये की राशि को छुपाया गया है तो संबंधित मकान मालिक को नोटिस भेजा जाएगा।

– ईएमएम