सुप्रीम कोर्ट ने दिया हार्दिक पटेल को बड़ा झटका


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पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान हार्दिक पटेल को विधायक ऋतविज पटेल के कार्यालय में दंगा करने के मामले में सत्र न्यायालय ने दो साल की सजा सुनाई थी। हार्दिक पटेल नियमों के अनुसार दो साल की सजा के कारण लोकसभा चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। हार्दिक पटेल ने उस सजा पर रोक लगाने के लिए गुजरात उच्च न्यायालय में एक आवेदन दायर किया। उच्च न्यायालय में एक सरकारी वकील की दलीलों के कारण हार्दिक पटेल के आवेदन को उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया। तो अब हार्दिक पटेल ने इस मामले के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की और अर्जी में अपील की कि उनके मामले की आज सुनवाई हो।

सुप्रीम कोर्ट ने हार्दिक पटेल की अर्जी को खारिज करते हुए कहा, “इस मामले पर जल्द सुनवाई की ज़रूरत नहीं है क्योंकि यह मामला 2015 का है, और 2016 में हार्दिक पटेल को दोषी पाया गया है। सत्र अदालत ने रॉयटिंग के केस में हार्दिक पटेल को सजा भी सुनाई गई थी।” आरोप सिद्ध हो गया है तो इस समय सुनवाई की कोई आवश्यकता नहीं है। इस प्रकार सुप्रीम कोर्ट ने हार्दिक पटेल द्वारा जल्द सुनवाई की मांग को खारिज कर दिया। हार्दिक पटेल की सज़ा में राहत देने का आवेदन अभी सुप्रीम कोर्ट में है और इस मामले में अगली सुनवाई 4 अप्रैल को होगी।

गौरतलब है कि हार्दिक पटेल लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते थे, इसलिए उन्होंने गुजरात हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सजा से राहत मांगी और फिर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। महत्वपूर्ण बात यह है कि, 4 अप्रैल को दोपहर 3 बजे के बाद उम्मीदवारों की पंजीकरण प्रक्रिया को रोक दिया जाएगा। इसलिए हार्दिक पटेल अगर 4 अप्रैल दोपहर 3 बजे तक नामांकन फॉर्म नहीं भर सके तो वे लोकसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।