सुप्रीम कोर्ट ने कहा, पिता को भी दहेज प्रताड़ना की शिकायत का हक


सुप्रीम कोर्ट ने कहा की, आईपीसी की धारा 498ए के तहत विवाहिता को दहेज प्रताड़ना देने की शिकायत उसके पिता भी कर सकते हैं ।

नई दिल्ली| सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में स्पष्ट किया है कि आईपीसी की धारा 498ए के तहत विवाहिता को दहेज प्रताड़ना देने की शिकायत उसके पिता भी कर सकते हैं, यह शिकायत पीड़ित महिला का स्वयं करना जरूरी नहीं है। जस्टिस अशोक भूषण और केएम जोसेफ की पीठ ने यह फैसला देते हुए पति की अपील खारिज कर दी। इस फैसले से यह संशय खत्म हो गया है कि दहेज प्रताड़ना की शिकायत पीड़ित द्वारा करना जरूरी है। अन्यथा यह शिकायत योग्य नहीं मानी जाएगी।

पीठ ने कहा कि आइपीसी की धारा 498ए (पति या उसके रिश्तेदारा द्वारा महिला को प्रताड़ित करना) यह कहीं नहीं लिखा है कि शिकायत उस महिला द्वारा ही की जाएगी जिसे उसके पति या उसके रिश्तेदारों ने प्रताड़ित किया है। कोर्ट ने कहा कि धारा 498ए को पढ़ने से साफ है और इसमें यह कहीं नहीं लिखा है कि प्रताड़ना की शिकायत पीड़ित महिला द्वारा ही दायर की जाएगी।

क्या है मामला

मामला यूपी के नोएडा का है। वंशिका का विवाह नयन चोपड़ा से 2012 में हुआ और उसके बाद वह अमेरिका चले गए। लेकिन 2013 में वे अलग हो गए और नयन ने अमेरिकी कोर्ट से तलाक भी ले लिया। 2014 में वंशिका के पिता ने धारा 498ए और दहेज निरोधक कानून की धारा 3/4 के तहत नोएडा सीजेएम कोर्ट में शिकायत की जिसमें उन्होंने नयन के पिता और रिश्तेदारों को अभियुक्त बनाया। उन्होंने कहा, ससुराल में उससे एक करोड़ रुपये की मांग की गई। इस शिकायत के खिलाफ नयन ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया और कहा कि शिकायत पीड़ित द्वारा नहीं की गई है। वहीं उनका तलाक हो चुका है और इस दौरान कभी ऐसी शिकायत नहीं की गई कि उससे दहेज और रुपयों की मांग की गई हो। इसलिए यह शिकायत कार्रवाई योग्य नहीं है। लेकिन हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। इस फैसले को ससुरालियों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

– ईएमएस