अब स्मृति ईरानी के नामांकन पर भी विवाद, डिग्री पर उठे सवाल


राहुल गांधी की ओर से नामांकन पत्रों पर उनके नाम को लेकर आपत्ति जताने के बाद स्मृति ईरानी के नामांकन पर भी आपत्ति जताई गई है।
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इससे पहले राहुल गांधी के नामांकन और योग्यता पर दर्ज की गई आप‎त्ति

नई दिल्ली। हाई-प्रोफाइल अमेठी लोकसभा सीट पर चुनाव बहुत ही दिलचस्प होता जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की ओर से अमेठी संसदीय सीट से भरे गए नामांकन पत्रों पर उनके नाम को लेकर आपत्ति जताने के बाद अब भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी के नामांकन पर भी आपत्ति जताई गई है। राहुल गांधी के नाम पर आपत्ति के बाद स्क्रूटनी अब 22 अप्रैल को होगी। जबकि स्मृति ईरानी के नामांकन पर निर्दलीय प्रत्याशी रोहित कुमार ने अपने अधिवक्ता राहुल चंदानी के माध्यम से निर्वाचन अधिकारी से आपत्ति दर्ज की है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद बीजेपी ने राहुल गांधी पर निशाना साधा, साथ ही उनकी शैक्षणिक योग्यता और नागरिकता पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या वह कभी ब्रिटिश नागरिक थे और उन्होंने एक साल के अंतर में बीए और एमफिल की डिग्री कैसे हासिल कर ली। अमेठी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिस में शनिवार को स्क्रूटनी की कार्रवाई शुरू होते ही राहुल गांधी का नाम पुकारा गया जिसके बाद चार लोगों ने इस पर आपत्ति दर्ज करा दी। आपत्ति के बाद राहुल गांधी के वकील राहुल कौशिक ने इन आक्षेपों का खंडन करने के लिए समय मांगा।

जिसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने स्क्रूटनी की तारीख आगे बढ़ाते हुए 22 अप्रैल कर दी। रिटर्निंग ऑफिसर राम मनोहर मिश्रा ने इस संबंध में एक पत्र जारी कर इसकी जानकारी दी। राहुल गांधी का नाम पुकारे जाने पर उनके नामांकन पत्रों पर एक के बाद एक क्रमश अफजाल, सुरेश चंद्र, ध्रुवलाल, सुरेश कुमार इन चार लोगों की ओर से आपत्ति दर्ज की गई। अब इन आपत्तियों पर सुनवाई सोमवार को होगी। तो वहीं भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी के नामांकन पर भी निर्दलीय प्रत्याशी रोहित कुमार ने अपने अधिवक्ता राहुल चंदानी के माध्यम से निर्वाचन अधिकारी से आपत्ति दर्ज की है। राहुल चंदानी ने कहा कि जब 2004 में उन्होंने चांदनी चौक से चुनाव लड़ा तो अपने हलफनामे में सिर्फ और सिर्फ बैचलर ऑफ आर्ट्स 1996 में खत्म कर चुकी हूं लिखा, और उन्होंने किसी और डिग्री के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।

राहुल गांधी के खिलाफ 2014 में अमेठी से चुनाव लड़ने के दौरान दिया गया हलफनामा 2019 के हलफनामे से अलग था। चंदानी ने स्मृति ईरानी के हलफनामे में गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए निर्वाचन अधिकारी से शिकायत करते हुए मांग की कि उनका नामांकन रद्द किया जाए। 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए दिए अपने हलफनामे में स्मृति ने कथित तौर पर कहा था कि उन्होंने 1994 में यूनिवर्स‍िटी से ग्रेजुएशन किया था। उनके किए इस दावे की सत्यता पर विपक्षी दलों ने सवाल उठाते हुए उनके ग्रेजुएट न होने की बात कही थी। राहुल गांधी के नाम और उनकी शैक्षणिक योग्यता पर भाजपा ने सवाल उठाया, साथ ही आरोप भी लगाया कि राहुल ने हर चुनाव में सर्टिफिकेट बदले हैं। भाजपा के प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा कि आज पूरा देश उस समय स्तब्ध रह गया जब अमेठी में राहुल गांधी के नामांकन की प्रक्रिया शुरू की गई और उनका नाम पुकारे जाने पर कुछ लोगों की आपत्ति किए जाने के बाद राहुल और उनके वकील राहुल कौशिक स्पष्टीकरण देने के लिए तैयार नहीं थे। भाजपा के प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी की नागरिकता पर यह चौंकाने वाली घटना है। उनसे यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि क्या वह कभी ब्रिटिश नागरिक थे। 2004 के हलफनामा में राहुल गांधी ने कहा था कि उन्होंने इंग्लैंड की कंपनी में निवेश नहीं किया था जबकि 2005 में कंपनी (बैकऑप्स लिमिटेड) के दस्तावेजों के अनुसार राहुल गांधी को ब्रिटिश नागरिक बताया गया। क्या यह भारतीय नागरिकता कानून का उल्लंघन नहीं है। अगर कोई दूसरे देश का नागरिकता लेता है तो उसकी भारतीय नागरिकता चली जाती है।

– ईएमएस