गायिका कनिका कपूर कोरोना की चपेट में, लखनऊ में कई पार्टियों में हुई थी शामिल, पीजीआई में भर्ती


लखनऊ (ईएमएस)। देश में कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाली पहली बॉलीवुड सेलिब्रिटी गायिका कनिका कपूर का कहना है कि वह पूरी तरह से आइसोलेशन में हैं और अपना इलाज करा रही हैं। कनिका लखनऊ में पाए गए कोविड-19 संक्रमण के चार ताजा मामलों में से एक हैं।

कनिका के पिता राजीव कपूर ने लखनऊ में कहा ष्कनिका इस वक्त संजय गांधी परास्नातक आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में एक अलग स्थान पर हैं और डॉक्टर उनकी देखभाल कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कनिका मुंबई में एक दिन गुजारने के बाद गत 11 मार्च को लखनऊ आई थीं। उस वक्त वह बिल्कुल ठीक थीं। पिछले दो दिनों के दौरान उन्हें बुखार और खांसी की शिकायत हुई और हमने एहतियात के तौर पर उनका मेडिकल परीक्षण कराया। आज सुबह हमें मालूम हुआ कि वह कोरोना संक्रमित हैं।

उन्होंने पूछने पर बताया कि कनिका ने बीती 13, 14 और 15 मार्च को होली से जुड़ी दो-तीन पार्टियों में शिरकत की थी। वे छोटे आयोजन थे और कुल मिलाकर कर इनमें 250 से 300 लोगों ने शिरकत की थी। वहीं राजीव तथा चार अन्य लोगों ने खुद को अपने घर में बंद कर लिया है। इस सवाल पर कि क्या कनिका ने एयरपोर्ट कर्मियों को चकमा देकर शहर में प्रवेश किया, राजीव ने कहा कि यह सच नहीं है। उधर, सूत्र बताते हैं कि कनिका की शिरकत वाली पार्टियों में अनेक राजनेता और अधिकारी भी शामिल हुए, जिनमें उत्तर प्रदेश के कुछ मंत्री भी हैं। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और भाजपा सांसद दुष्यंत सिंह भी कनिका की पार्टी में शामिल हुए थे।

इस बीच कनिका ने इंस्टाग्राम पर जारी एक बयान में कहा कि मुुझे पिछले चार दिनों के दौरान ही फ्लू के लक्षण हुए। मैंने अपना परीक्षण कराया और कोविड-19 पॉजिटिव पाई गई। मैं और मेरा परिवार बाकी दुनिया से पूरी तरह अलग है और चिकित्सकों की सलाह ले रहा है। उन्होंनेे कहा कि 10 दिन पहले हवाई अड्ड पर मेरा सामान्य प्रक्रिया के तहत चेकअप हुआ था और मेरे अंदर पिछले चार दिन के दौरान ही फ्लू केेेे लक्षण विकसित हुुए हैं। कनिका ने कहा कि वह ठीक महसूस कर रही हैं। उन्हें सामान्य फ्लू और हल्का बुखार है। हालांकि ऐसे वक्त में हमें एक संवेदनशील नागरिक बनना चाहिए और अपने आसपास के लोगों के बारे में भी सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम बिना परेशान हुए इस समस्या से बाहर निकल सकते हैं लेकिन तभी जब हम विशेषज्ञों की सुनें और स्थानीय, राज्य तथा केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन करें।