‘नमस्कार कहें’, ‘गुड मॉर्निग’ नहीं : उपराष्ट्रपति


(Photo: IANS)

पणजी। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को कहा कि भारत को उपनिवेशवाद की मानसिकता से बाहर निकलना चाहिए और ‘गुड मॉर्निग’, ‘गुड आफ्टरनून’, और ‘गुड इवनिंग’ के स्थान पर ‘नमस्कार’ कहना चाहिए।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान(एनआईटी) द्वारा आयोजित दीक्षांत समारोह में उन्होंने कहा, “वह अंग्रेजी भाषा के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन भारत को अंग्रेजी उपनिवेशवादी शासन की मानसिकता से बाहर निकलने की जरूरत है।”

उन्होंने कहा, “नमस्कार भारत में हमारा संस्कार है। यह सुबह, शाम और रात में भी उचित है।”

उपराष्ट्रपति ने कहा कि राज्यसभा के सभापति होने के नाते उन्होंने उन उपनिवेशवादी कार्यो को समाप्त कर दिया, जो पुराने हो चुके थे।

उन्होंने याद करते हुए कहा कि कैसे हाल ही में अंग्रेजी को एक बीमारी कहने के बाद मीडिया के एक वर्ग ने उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया था, जबकि वह मातृभाषा की रक्षा और प्रसार के बारे में बात कर रहे थे।

नायडू ने कहा, “मैंने ऐसा नहीं कहा था। अंग्रेजी एक बीमारी नहीं है। अंग्रेजी का स्वागत है। आप इससे सीखते हैं, लेकिन अंग्रेजी दिमाग जो कि ब्रिटिश शासन द्वारा हमें परंपरागत रूप से मिला है, वह बीमारी है। अंग्रेज चले गए, उनकी मानसिकता यहीं बनी हुई है।”

नायडू ने संस्थान द्वारा परंपरागत काले दीक्षांत गाउन पहनना अनिवार्य नहीं करने की भी सराहना की।

-आईएएनएस