संत समाज ने राम मंदिर निर्माण के लिए अयोध्या में शुरु हुआ अश्वमेध यज्ञ


विश्व वेदांत संस्थान की तरफ से अयोध्या में राम मंदिर के लिए 1 से चार दिसंबर तक अश्वमेध यज्ञ किया जाएगा।
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कुछ सेकुलर वादी दल राम मंदिर निर्माण में बन रहे बाधा

अयोध्या। विश्व वेदांत संस्थान की तरफ से अयोध्या में राम मंदिर के लिए 1 से चार दिसंबर तक अश्वमेध यज्ञ किया जाएगा। विश्व वेदांत संस्थान ने अयोध्या चलो का नारा दे दिया है। संस्थान की तरफ से बिना किसी बाधा के राम मंदिर निर्माण के लिए एक से 4 दिसंबर तक अयोध्या में अश्वमेध यज्ञ किए जाने का फैसला लिया गया है। यह यज्ञ अयोध्या के खाक चौक बगिया में होगा। संस्थान के संस्थापक आनंदजी महाराज ने बताया कि अयोध्या में राम मंदिर बिना किसी बाधा के बन जाए। इसके लिए संस्थान अश्वमेध यज्ञ करवा रहा है। इसमें 1008 पंडित और 11000 संत शामिल हो रहे है। आंनद जी महाराज ने बताया कि अश्वमेध महायज्ञ श्रीराम मंदिर निर्माण की दिशा में पहला कदम है। उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर निर्माण के आंदोलन को जन आंदोलन बनने से कोई रोक नहीं सकता है। अयोध्या में राममंदिर बनकर रहेगा, पर निर्माण में देर क्यों हो रही है? अगर यहीं चलता रहा तो रामजन्म भूमि मामले में भी केंद्र की बीजेपी सरकार को अध्यादेश लाना ही होगा। उन्होंने कहा कि अब समय आ ही गया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मंदिर निर्माण की तारीख बात दे। मंदिर निर्माण के लिए संत और रामभक्त मंदिर निर्माण के लिए बिल्कुल तैयार हैं।

बता दें कि अश्वमेध यज्ञ कि जानकारी देते हुए संत स्वामी आनंदजी महाराज ने पहले भी बताया था कि भगवान राम कि जन्मभूमि पर त्रेता के बाद आज तक किसी ने यज्ञ नहीं किया था! उन्होंने कहा कि त्रेता में भगवान राम ने रामराज्य की स्थापना के लिए अश्वमेध यज्ञ किया था, लेकिन कलयुग में संतों के द्वारा होने वाले अश्वमेध यज्ञ में भारत में सनातन धर्म को मानने वाले भगवान श्री राम के वंशज होने के बावजूद भी कुछ सेकुलर वादी राजनीतिक दल हैं,जो भगवान राम के मंदिर के निर्माण में बाधा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि इस यज्ञ से सभी बाधाएं दूर होंगी और जल्द ही राम मंदिर का निर्माण भी होगा। महायज्ञ के संयोजक स्वामी आनंदजी महाराज ने बताया कि विश्व वेदांत संस्थान का केंद्र नीदरलैंड में है। भारत के 21 प्रदेश में करीब 10 लाख सदस्य अब तक संस्थान से जुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण संतों के आदेश और निर्देशन में ही होगा।

– ईएमएस