नीरव मोदी की बहन के खिलाफ इंटरपोल ने जारी किया रेड कॉर्नर नोटिस


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नई दिल्ली। देश के बहुचर्चित पंजाब नेशनल बैंक घोटाले की आंच मुख्य आरोपी नीरव मोदी के साथ-साथ उनके परिजनों पर पड़ना शुरु हो चुकी है। इंटरपोल ने नीरव की बहन पूर्वी दीपक मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया है। इससे पहले इंटरपोल ने पिछले हफ्ते नीरव के बेहद करीबी मिहिर आर भंसाली के खिलाफ भी रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) जारी किया था। नोटिस में भंसाली के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया गया।

रेड कॉर्नर नोटिस में इंटरपोल ने सभी 192 सदस्य देशों से कहा है कि यदि यह व्यक्ति उनके यहां देखा जाता है तो उस गिरफ्तार या हिरासत में ले लिया जाए। इसके बाद उसके प्रत्यर्पण की कार्रवाई शुरू होगी। ईडी ने भंसाली को नीरव मोदी के बाद दूसरे नंबर का माना है। पीएनबी से जारी कोष के डायवर्जन और मनी लॉन्ड्रिंग में वह सक्रिय रूप से संलिप्त रहा है। ईडी ने जांच में पाया है कि फायरस्टार ग्रुप के अन्य अधिकारियों की मदद से भंसाली ने सोलर एक्सपोर्ट,स्टेलर डायमंड और डायमंड आर यूएस जैसे डमी साझीदारों को शामिल किया और करोड़ों का हेरफेर किया।

इससे पहले विशेष ‘भगोड़ा आर्थिक अपराध कानून’ अदालत (एफईओए) ने अगस्त में नीरव मोदी की बहन पूर्वी और उनके भाई नीशाल को सार्वजनिक समन जारी कर उन्हें 25 सितंबर को पेश होने को कहा। जारी समन में कहा गया कि अगर वे अदालत में पेश नहीं हुए तो उनकी संपत्ति नए कानून के तहत जब्त कर ली जाएगी। एमएस आजमी की अदालत ने प्रमुख समाचार पत्रों में नीरव मोदी की बहन पूर्वी मोदी और भाई निशाल मोदी के नाम 3 सार्वजनिक नोटिस जारी किए क्योंकि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नए कानून के तहत एक आवेदन में इन्हें हितबद्ध व्यक्तियों में गिना है।

जांच एजेंसी ईडी ने इन दोनों पर मनी लॉन्ड्रिंग में लिप्त होने और घोटाले के सामने आने से पहले ही भारत से फरार हो जाने के आरोप लगाए हैं। निशाल के साथ-साथ पूर्वी के खिलाफ नोटिस में उनसे यह बताने के लिए कहा गया था कि क्यों न आवेदन में वर्णित संपत्तियों (ईडी की ओर से पूर्व में दर्ज) को उपरोक्त अध्यादेश के तहत जब्त किया जाए। कोर्ट की ओर से दोनों को 25 सितंबर को सुबह 11 बजे अदालत में पेश होने का निर्देश दिया गया है। इसी तारीख को बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी भगोड़ा हीरा व्यापारी नीरव मोदी को भी पेश होने के लिए कहा गया है। नीरव मोदी के खिलाफ जारी किए गए तीसरे सार्वजनिक नोटिस में उस उसी दिन और उसी वक्त अदालत में पेश होने के लिए कहा गया। नोटिस में कहा गया कि देश छोड़कर भाग जाने और मामले की सुनवाई के लिए देश आने से इनकार करने की सूरत में उस अध्यादेश के तहत भगोड़ा घोषित किया जा सकता है।