राहुल का HAL पहुंचना ‘कर्मचारियों के राजनीतिकरण’ का प्रयास!


(Photo: IANS)

नई दिल्ली (ईएमएस)। राफेल सौदे को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के पूर्व एवं वर्तमान कर्मचारियों से संपर्क करने को सरकारी क्षेत्र की एयरोस्पेस कंपनी ने राष्ट्रीय सुरक्षा एवं संस्थान के लिहाज से अहितकर बताया।

एचएएल का यह बयान उस घटनाक्रम के बाद आया है जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया था कि आधुनिक भारत के संस्थानों पर हमले हो रहे हैं और उन्हें तबाह किया जा रहा है। हालांकि इस बयान में राहुल गांधी के कंपनी के कर्मचारियों से मिलने का खास तौर पर जिक्र नहीं किया गया था।

कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि राजग सरकार ने उसके प्रमुख स्थान को मान्यता देते हुए 2014 से 2018 की अवधि के दौरान करीब 27,340 करोड़ रुपये के आपूर्ति ऑर्डर देकर एचएएल को पूर्ण सहयोग दिया है। अधिकारी ने कहा कि उत्पादन सुविधाएं बढ़ाने सहित अवसंरचना में सुधार एवं उन्नयन के लिए इस अवधि के दौरान 7,800 करोड़ रुपये तक का वित्तपोषण किया गया। अधिकारी ने कहा कि रक्षा एवं एयरोस्पेस उद्योग क्षेत्र में एचएएल को गौरव से देखा जाता है और उसने राष्ट्र निर्माण प्रक्रिया में अत्याधिक योगदान दिया है।

एचएएल के अधिकारी ने अपने बयान में कहा, “कर्मचारियों के राजनीतिकरण का प्रयास अफसोसजनक कदम है और यह संस्थान, उसके कर्मचारियों एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के हित के लिए नुकसानदेह होगा।”

ज्ञात रहे कि पूर्व एवं वर्तमान कर्मचारियों से बातचीत में राहुल गांधी ने एचएएल को एयरोस्पेस के क्षेत्र में एक ‘‘सामरिक संपत्ति’’ बताते हुए मोदी सरकार पर इस सरकारी कंपनी को नष्ट करने का भी आरोप लगाया था और उसके कर्मचारियों से कहा था कि राफेल उनका अधिकार है।