‘चौकीदार चोर है’ बयान सुप्रीम कोर्ट के हवाले से कहना मेरी गलती : राहुल गांधी


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कांग्रेस अध्यक्ष पिछले काफी अरसे से प्रधानमंत्री को नरेन्द्र मोदी को परोक्ष रूप से ‘चौकीदार चोर है’ नारे के बहाने घेरते रहे हैं। इस नारे के बहाने उन्होंने मोदी को भ्रष्टाचार में लिप्त होने और राफेल मामले में अनिल अंबानी को आर्थिक लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते रहे। नारा लोक-जुबान पर चढ़ा भी, जिसका प्रयोग वे जनसभाओं में भी करते दिखे। हालांकि सभाओं में कोई बात कहना और कानूनन किसी मसले पर बयान देने में फर्क होता है। और यहीं राहुल गांधी गच्चा खा गये।

राफेल मामले की सुनवाई कर रही सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले को उल्लेख करते हुए राहुल गांधी ने पिछले दिनों बयान दिया था। अपने बयान में वे ऐसा कुछ बोल गये जिससे लगा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबंध में ‘चौकीदार चोर है’ शब्दप्रयोग किया है, जो वास्तविकता से परे था।

इसी बात को मुद्दा बनाकर भाजपा की ओर से भाजपा नेता और वकील मिनाक्षी लेखी ने अदालत की अवमानना की याचिका दायर कर दी। राहुल गांधी के खिलाफ इस अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान राहुल के वकील अभिषक मनु सिंघवी ने अपने मुवक्कील से त्रुटि होने की दलील पेश की। अदालत में राहुल की ओर से कहा गया, ‘(सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा कि चौकीदार चोर है) यह बात मैंने गलती से सुप्रीम कोर्ट के हवाले से कही, जो मेरी गलती थी।’ अभिषेक मनु सिंघवी ने आगे कहा कि राहुल गांधी आगामी ६ मई के एफेडेविट फाईल करेंगे।

उधर मिनाक्षी लेखी ने अपनी दलील में कहा कि राहुल गांधी ने जानबूझ कर सुप्रीम कोर्ट के मुंह में शब्द रखे हैं और मामले में उन्होंने केवल खेद व्यक्त किया है। कानून ‌बिलकुल स्पष्ट है कि अवमानना के मामले में बात ‌बिना शर्त माफी से शुरु होती है।

इस मामले की अगली सुनवाई ६ मई को होगी।