ट्रेनों में खाने के पैकेट में क्यूआर कोड अनिवार्य


उच्च गुणवत्ता व स्वच्छता के लिए अप्रैल महीने से ट्रेनों में आपूर्ति होने वाले खाने के प्रत्येक पैकेट में क्यूआर कोड स्टीकर लगाना अनिवार्य होने जा रहा है।
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नई दिल्ली | उच्च गुणवत्ता व स्वच्छता के लिए अप्रैल महीने से ट्रेनों में आपूर्ति होने वाले खाने के प्रत्येक पैकेट में क्यूआर कोड स्टीकर लगाना अनिवार्य होने जा रहा है। रेलवे किचन में चस्पा होने वाले स्टीकर की मदद से खाने बनाने वाले, जांच करने वाले व ठेकेदार की जानकारियां होगी। जिसे आईआरसीटीसी के एप में पढ़ा जा सकेगा। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि मुंबई, दिल्ली, इलाहाबाद, कोलकाता सहित 32 शहरों में उन्नत रेल किचन बनकर तैयार हो गए हैं।

नए नियम के अनुसार खाना पकाने व ट्रेनों में आपूर्ति का काम अलग अलग कंपनी-ठेकेदार करेंगे। खाने के पैकेट पर क्यूआर कोड स्टीकर लगाने से खाना पकाने वाले कंपनी, जांच करने वाले अफसर व ठेकेदार का आसानी से पता लगाया जा सकेगा। इस व्यवस्था से खानपान में उच्च स्तर की गुणवत्ता व स्वच्छता बनी रहेगी। बासी खाने की पैकिंग अथवा किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर सख्त कार्रवाई की जा सकेगी। रेलवे किचन में खानपान की निगरानी के लिए फूड सेफ्टी सुपरवाइजर नियुक्ति किए जाएंगे। इस कार्य को कॉमर्श एंड इंडस्ट्री मंत्रालय के नेशनल एग्रीडेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड केलिबे्रटिंग लैबस (एनएबीएल) करेगा। सेफ्टी सुपरवाइजर खाना बनाने वाले ठेकेदार-कंपनियों के कामकाज पर निगरानी रखने के अलावा खाने की गुणवत्ता जांचेगा।

– ईएमएस