इसरो का पीएसएलवी-सी43 का अंतरिक्ष की कक्षा में सफल प्रक्षेपण, 8 राष्ट्रों के 31 सैटेलाइट्स भी ले गया साथ


आंध्र के श्रीहरिकोटा सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र एसएचएआर से आज पीएसएलवी सी43 एचवाईएसआईएस का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया गया।
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चेन्नई । अंतरिक्ष की कक्षा में सेटेलाइट प्रक्षेपण को लेकर भारत के स्पेस रिसर्च सेंटर ने आंध्र के श्रीहरिकोटा सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र एसएचएआर से आज पीएसएलवी सी43 एचवाईएसआईएस का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया गया। पीएसएलवी-सी43 का प्रक्षेपण सुबह 09:58 पर हुआ। पीएसएलवी कोर के अपने 13वें मिशन में रॉकेट पृथ्वी के अवलोकन के लिए हाइपर स्पेट्रल इमेजिंग उपग्रह (एचवाईएसआईएस) और इसके साथ 23 अमेरिकी सहित आठ देशों के 31 उपग्रहों को प्रथम लॉन्च पैड से जाने के बाद दो विभिन्न कक्षाओं में स्थापित किया।

यह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) का तीसरा सबसे लंबा मिशन है और 113 मिनट में समाप्त हुआ। इसरो के सूत्रों ने बताया कि रॉकेट के चौथे चरण के इंजन को दोबारा शुरू करके उपग्रहों को दो कक्षाओं में स्थापित किया गया। पीएसएलवी-सी 43 लॉन्च होने के लगभग 17 मिनट बाद सबसे पहले भूमध्य रेखा से 97.957 डिग्री के झुकाव के साथ 636 किलोमीटर की पोलर सन सिंक्रोनस कक्षा में एचवीआईएसआईएस को उतारेगा। बाद में, प्रक्षेपण के एक घंटे बाद दो इंजन दोबारा शुरू होंगे और फिर 47 मिनट बाद सभी उपग्रहों को निचली कक्षा में रखेंगे। यह एसएचएआर रेंज से 68वां प्रक्षेपण यान मिशन है और चार चरण वाले पीएसएलवी रॉकेट की 45वीं उड़ान है। इसके अलावा यह प्रथम लॉन्च पैड से 34वां और वर्ष 2018 का छठा प्रक्षेपण होगा जो कि एक रिकॉर्ड है। इस उपग्रह से कृषि, वन्य, भूगर्भीय पर्यावरण, तटीय क्षेत्रों और अंतर्देशीय जल आदि में अनुप्रयोगों की एक विस्तृत श्रृंखला की जानकारी ली जाएगी। उपग्रह के मिशन का कार्यकाल पांच साल का है। सभी 31 उपग्रहों का वजन 261.5 किलोग्राम है। इनमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, कोलांबिया, फिनलैंड, मलेशिया, नीदललैंड एवं स्पेन से एक-एक और अमेरिका के 23 उपग्रह शामिल हैं।

– ईएमएस