बढ़ रही है सांसदों की सम्पत्ति, चुनाव आयोग ने क्या कदम उठाया


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वर्ष 2014 में फिर से निर्वाचित हुए 153 सांसदों की औसत संपत्ति में 142 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि प्रति सांसद औसतन 13.32 करोड़ रुपये रही है। इस सूची में शत्रुघ्न सिन्हा, पिनाकी मिश्रा और सुप्रिया सुले शीर्ष पर हैं। शीर्ष नेताओं में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की संपत्ति 2009 के दो करोड़ रुपये से बढ़कर 2014 में सात करोड़ रुपये हो गई।

इलेक्शन वाच और एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) के अनुसार, 5 सालों में (2009 से 2014) 153 सांसदों की औसत संपत्ति वृद्धि 7.81 करोड़ रुपये रही। स्वतंत्र सार्वजनिक शोध समूहों ने 2014 में फिर से निर्वाचित हुए 153 सांसदों द्वारा सौंपे गए वित्तीय विवरणों की तुलना की है। अध्ययन में पाया गया कि इन सांसदों की वर्ष 2009 में औसत संपत्ति 5.50 करोड़ रुपये थी, जो दोगुना से ज्यादा बढ़कर औसतन 13.32 करोड़ रुपये हो गई। सांसदों में सर्वाधिक संपत्ति वृद्धि भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा की हुई। वर्ष 2009 में उनकी संपत्ति लगभग 15 करोड़ रुपये थी, जो 2014 में बढ़कर 131 करोड़ रु हो गई।

आम चुनाव में उम्मीदवारों को शपथपत्र में चुनाव आयोग के समक्ष अपने संयुक्त परिवार की संपत्ति सहित कुछ अतिरिक्त जानकारियां भी देनी होंगी। आयोग द्वारा उम्मीदवारों के लिए शपथपत्र से संबंधित फार्म 26 में संशोधन कर जोड़े गए नए उपबंधों के तहत संयुक्त परिवार वाले उम्मीदवार को परिवार के सभी सदस्यों की संपत्ति का ब्योरा देना होगा।

इससे पहले उम्मीदवार को सिर्फ अपने परिजनों (पत्नी और बच्चों) की संपत्ति का ब्योरा देना होता था। आयोग ने 17वें लोकसभा चुनाव के लिए संशोधित फार्म 26 में अब संयुक्त परिवार वाले उम्मीदवारों को अपने शपथपत्र में परिवार के सभी सदस्यों की संपत्ति का ब्योरा देना अनिवार्य कर दिया है। पिछले पांच वर्ष के आयकर का ब्योरा भी देना होगा। इसमें आय-व्यय व लेन-देन की भी जानकारी शामिल है।