राजनीति में आने की खबरों को प्रशांत किशोर ने किया खारिज


नई दिल्ली । चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने उन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया हैं जिसमें कहा जा रहा था कि वे राजनीति में आ सकते है। उन्होंने कहा, फ़िलहाल ऐसा इरादा नहीं है, लेकिन 2019 में किसी भी पार्टी के लिए उस तरह कैंपेन करता नज़र नहीं आऊंगा जिस तरह से में पिछले 4-5 सालों से कर रहा था।

प्रशांत किशोर ने कहा कि मीडिया ने कुछ घंटे पहले अंदाज़ा लगाया कि मैं 5 साल बाद बोलने क्यों जा रहा हूं? तो उन्होंने सोचा कि इसकी वजह मेरा राजनीति में आना है, मैं आईएसबी को पसंद करता हूं। बता दें कि रविवार को खबर आई थी कि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर अब सीधे राजनीति में कदम रखने वाले है। सोशल मीडिया पर इस लेकर चर्चा भी चल रही थी।

गौरतलब है कि प्रशांत किशोर 2014 में बीजेपी,2015 में महागठबंधन और 2017 में उत्तरप्रदेश विधानसभा में कांग्रेस के लिए काम कर चुके हैं। एक समय चुनाव में जीत की गारंटी बन चुके प्रशांत किशोर उस समय चर्चा में आए थे जब 2014 के चुनाव प्रचार में बीजेपी के प्रचार को उन्होंने ‘मोदी लहर’ में बदल दिया था। उसके बाद उनके बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मतभेद की खबरें आईँ और उन्होंने साल 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन (आरजेडी+जेडीयू+कांग्रेस) के प्रचार की कमान संभाल ली और इस चुनाव में बीजेपी को तगड़ी हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश चुनाव में कांग्रेस के प्रचार की कमान संभाल ली थी।

पिछले दिनों उनकी संस्था ने अगले आम चुनाव में देश का प्रधानमंत्री कौन हो – इस संबंधी ऑनलाईन सर्वे भी किया था। इस सर्वे के नतीजे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अव्वल रहे थे। उस समय ऐसी माना जा रहा था कि प्रशांत किशोर हाे सकता है 2019 में एक बार मोदी के पक्ष में काम करेंगे। लेकिन अब उन्होंने स्पष्ट किया है कि कम से कम 2019  में वे पहले की तरह चुनावी शोर का हिस्सा बनते नहीं दिखेंगे।