डाकघर 15000 करोड रुपए के घाटे पर पहुंचा


डाकघरों को संचालित करने तथा बचत एवं निवेश की योजनाएं चलाने वाला इंडिया पोस्ट लगभग 15000 करोड रुपए के घाटे पर पहुंच गया है।
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आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया

नई दिल्ली। देशभर में लगभग डेढ़ लाख से ज्यादा डाकघरों को संचालित करने तथा बचत एवं निवेश की योजनाएं चलाने वाला इंडिया पोस्ट लगभग 15000 करोड रुपए के घाटे पर पहुंच गया है।

इंडिया पोस्ट का सालाना घाटा टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल और एयर इंडिया से भी ज्यादा है। वित्त वर्ष 2017-18 में बीएसएनल को 8,000 करोड रुपए का और एयर इंडिया को 5340 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं इंडिया पोस्ट को 15000 करोड़ रुपयों का घाटा उठाना पड़ा है।

घाटा क्यों

इंडिया पोस्ट की आर्थिक स्थिति इन दिनों बहुत खराब है। ऊंचे वेतनमान और भत्तों के कारण आमदनी अठन्नी और खर्च रुपैया की तर्ज पर इंडिया पोस्ट का संचालन हो रहा है। वेतन और भत्तों पर ही कुल आय का 90 फ़ीसदी खर्च हो जाता है । पिछले कई महीनों से इंडिया पोस्ट की आय घट रही है, खर्च बढ़ता जा रहा है।

2018-19 पर एक नजर

वित्तीय वर्ष 2018 19 में वेतन भत्ते के रूप में 16620 करोड़ रुपए खर्च हुए पेंशन के रूप में 9782 करोड़ रुपए चुकाने पड़े कर्मचारियों पर 26400 करोड़ रुपए खर्च किए गए। जबकि कुल आय 18000 करोड की रही, जिसके कारण इंडिया पोस्ट का घाटा लगातार बढ़ता जा रहा है।

– ईएमएस