राजनैतिक दलों के लिए खड़ी हुई मुसीबत, नोटा का भी होगा प्रचार


चुनाव में यदि कोई उम्मीदवार आपकी पसंद का नहीं है तो नोटा का बटन आपको उन सबके प्रति अपना विरोध जाहिर करने का मौका देता है।
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सर्व समाज संघर्ष समिति ने जयपुर में खोला कार्यालय

जयपुर। अभी तक अपने चुनावी मौसम में प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार कार्यालयों के बारे में सुना होगा, लेकिन अब जयपुर में नोटा का भी प्रचार कार्यालय खुल गया है। सर्व समाज संघर्ष समिति द्वारा शुक्रवार को बगरु विधानसभा क्षेत्र में नोटा प्रचार कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया गया। यह सम्भवत: देश का पहला नोटा प्रचार कार्यालय है। चुनाव में यदि कोई उम्मीदवार आपकी पसंद का नहीं है तो नोटा का बटन आपको उन सबके प्रति अपना विरोध जाहिर करने का मौका देता है। दूसरे प्रत्याशियों की तरह ही नोटा का बटन भी ईवीएम पर अंकित होता है, जिस दबाकर आप चुनाव मैदान में उतरे सभी उम्मीदवारों को नकार सकते हैं। यहीं नहीं राजनीतिक दलों का बहिष्कार और नोटा का समर्थन कर रहे लोगों ने सामूहिक रूप से जगतपुरा क्षेत्र में नोटा के इस चुनाव प्रचार कार्यालय की विधिवत शुरुआत की। समिति के राष्ट्रीय संयोजक एडवोकेट अनिल चतुर्वेदी का कहना है कि जल्द ही प्रदेश के दूसरे विधानसभा क्षेत्रों में भी नोटा चुनाव प्रचार कार्यालय खोले जाएंगे। कार्यकर्ता डोर-टू-डोर जाकर लोगों से चुनाव में नोटा का बटन दबाने की अपील करने वाले है।

बात दे कि सर्व समाज संघर्ष समिति पिछले करीब एक साल से एससी-एसटी संशोधन विधेयक मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला लागू करवाने का प्रयास कर रही है। मामले को लेकर पूर्व में दो बार भारत बंद भी हो चुका है। बावजूद इसके राजनीतिक दलों और राजनेताओं द्वारा मामले में बरती जा रही उपेक्षा से लोगों में आक्रोश है। यही वजह है कि लोगों द्वारा सर्वसम्मति से अपने स्तर पर नोटा प्रचार कार्यालय खोलकर इसके प्रचार का बीड़ा उठाया गया है ताकि राजनीतिक दलों को चुनाव में सबक सिखाया जा सके। देश में अभी नोटा के द्वारा अपनी नाराजगी जाहिर करने की तो आजादी है, लेकिन प्रत्याशियों को इसके आधार पर खारिज करने का अधिकार नहीं है। नोटा को अगर सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं तो भी इस प्रकरण में दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा वोट हासिल करने वाले प्रत्याशी को विजेता घोषित करने का प्रावधान है। हालांकि हरियाणा नगर निगम चुनाव में पहली बार नोटा को भी किसी प्रत्याशी की तरह गिना जाएगा और नोटा को सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं तो चुनाव दोबारा करवाया जाएगा।

– ईएमएस

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