सार्क प्रमुखों से बोले पीएम मोदी ‘तैयारी, चिंता नहीं, भारत का मंत्र’


विदेश से आने वाले लोगों की जनवरी से शुरु कर दी थी

नई दिल्ली (ईएमएस)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सार्क देशों के लिए आयोजित कोरोना पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का नेतृत्व किया। हालांकि इसमें पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने भाग नहीं लिया है। हालांकि पाकिस्तान की ओर से एक विशेष अधिकारी इस कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हुए हैं। दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने 8 सदस्यों के क्षेत्रीय समूह से शुक्रवार को संपर्क कर दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) यानी सार्क देशों के नेताओं की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा बैठक कराने की राय दी थी ताकि कोरोना वायरस के प्रकोप से निपटने की रणनीति बन सके। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि मैं सबसे पहले आप सबको इतने कम समय के नोटिस पर विशेष बातचीत में शामिल होने के लिए धन्यवाद कहना चाहूंगा। पीएम मोदी ने इस मौके पर नेपाल के पीएम ओली को अपनी सर्जरी के तुरंत बाद कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए विशेष धन्यवाद कहा।

पीएम मोदी ने सार्क नेताओं से कहा, हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना को वैश्विक महामारी घोषित किया है। अब तक फिलहाल हमारे क्षेत्रों में 150 से कुछ कम मामले ही सामने आए हैं लेकिन फिर भी हमें चौकन्ना रहने की जरूरत है। पीएम मोदी ने कहा,हम जैसे-जैसे इस चुनौती से लड़ने के लिए तैयार हो रहे हैं, मैं आपको अब तक वायरस के प्रसार से भारत की लड़ाई के बारे में बताना चाहता हूं। इसके बाद पीएम मोदी ने बताया कि ‘तैयारी लेकिन दहशत नहीं, हमारा (भारत का) मार्गदर्शक मंत्र रहा है।

पीएम मोदी ने कहा, हमारी सरकार ने विदेशों से भारत आने वाले लोगों की जांच जनवरी के मध्य से ही शुरू कर दी थी और यात्राओं पर धीरे-धीरे प्रतिबंध बढ़ाए। इस तरह कदम दर कदम आगे बढ़कर हमें लोगों में डर का माहौल रोकने में मदद मिली। हमारे द्वारा इसतरह के समूहों तक अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए, जिनके संक्रमित होने की संभावनाएं ज्यादा थीं। पीएम ने बताया,अब तक विदेशों से 1400 भारतीयों को बाहर निकाला गया है। साथ ही भारत के कुछ पड़ोसियों की मदद भी की है।