पीएम मोदी आज करेंगे विश्व की सबसे बड़ी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का लोकार्पण


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के पहले उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को समर्पित दुनिया की सबसे बड़ी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का लोकार्पण करेंगे।
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अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के पहले उप प्रधानमंत्री व गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को समर्पित दुनिया की सबसे बड़ी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का लोकार्पण करेंगे। 31 अक्टूबर सरदार पटेल का जन्म दिन है। गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नरेन्द्र मोदी सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा बनाने का सपना देखा तो अब साकार हो गया है।

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गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2010 को गुजरात में नगर निगमों के चुनाव के पूर्व स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निर्माण का ऐलान किया था| सरदार पटेल की जन्म दिन 31 अक्टूबर 2013 में मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ की नींव रखी थी| दुनिया की बड़ी इस प्रतिमा की ऊंचाई 182 मीटर है जो सरदार सरोवर बांध के तीन किलोमीटर अंदर की ओर बनाई जा रही है| पूरी तरह से लोहे की बनी लौह पुरुष की इस प्रतिमा के निर्माण के लिए देश भर से किसानों-मजदूरों से एकत्रित किया गया है| स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निर्माण के लिए देशभर से किसानों-मजदूरों से लोहा एकत्र करने का अभियान तीन महीने चला| जिसमें देश के 6000 से ज्यादा ग्रामीणों ने 5000 मीट्रिक टन लोहा दान में दिया| हांलाकि शुरुआत में यह घोषणा की गई थी कि संग्रहित किए गए लोहे का उपयोग मुख्य प्रतिमा के निर्माण में किया जाएगा, लेकिन बाद में यह लोहा प्रतिमा में उपयोग नहीं हो सका और इसे परियोजना से जुड़े अन्य निर्माणों में प्रयोग किया गया| मूर्ति निर्माण के अभियान से “सुराज” प्रार्थना-पत्र बना जिसमे जनता बेहतर शासन पर अपनी राय लिख सकती थी। सुराज प्रार्थना पत्र पर 2 करोड़ लोगों ने अपने हस्ताक्षर किये, जो कि विश्व का सबसे बड़ा प्रार्थना-पत्र बन गया जिसपर हस्ताक्षर हुए हों। इसके अतरिक्त 15 दिसम्बर 2013 को एक “रन फॉर यूनिटी” नामक मैराथन का भी पूरे भारतवर्ष में आयोजन हुआ। इस मैराथन में भी बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

प्रारम्भ में इस परियोजना की कुल लागत भारत सरकार द्वारा लगभग रू. 3,001 करोड़ रखी गयी थी। बाद में लारसन एंड टूब्रो ने अक्टूबर 2014 में सबसे कम रु. 2,989 करोड़ की बोली लगाई जिसमे आकृति, निर्माण तथा रखरखाव शामिल था। निर्माण कार्य का प्रारम्भ 31 अक्टूबर 2013 को प्रारम्भ हुआ। मूर्ति का निर्माण कार्य मध्य अक्टूबर 2018 में समाप्त हो गया। 2,989 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट के तहत सरदार पटेल की 182 मीटर की प्रतिमा का निर्माण, मेमोरियल, गार्डेन और श्रेष्ठ भारत भवन नाम से एक कन्वेंशन सेंटर का निर्माण शामिल है| यह स्मारक नर्मदा बांध की दिशा में, उससे 3.2 किमी दूर साधू बेट नामक नदी द्वीप पर बनाया गया है। आधार सहित इस मूर्ति की कुल ऊँचाई 240 मीटर है जिसमे 58 मीटर का आधार तथा 182 मीटर की मूर्ति है। यह मूर्ति इस्पात साँचे, प्रबलित कंक्रीट तथा कांस्य लेपन से युक्त है। यह विश्व की सबसे ऊँची मूर्ति है, जिसकी लम्बाई 182 मीटर (597 फीट) है। इसके बाद विश्व की दुसरी सबसे ऊँची मूर्ति चीन में स्प्रिंग टैम्पल बुद्ध है, जिसकी आधार के साथ कुल ऊंचाई 208 मीटर (682 फीट) हैं।

– ईएमएस