अब लोग राहुल को पप्पू कहकर बुलाने का जोखिम नहीं उठाएंगे – यशवंत सिन्हा


विधानसभा चुनाव के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा है कि अब लोग राहुल को भविष्य में पप्पू कहकर बुलाने का जोखिम नहीं उठाएंगे।
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नई दिल्ली । पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा है कि अब लोग राहुल को भविष्य में पप्पू कहकर बुलाने का जोखिम नहीं उठाएंगे। यशवंत सिन्हा ने एक ब्लॉग में लिखा है इसमें कोई शक नहीं कि पांच राज्यों में भाजपा के खिलाफ परिणाम आए, खास तौर पर तीन हिन्दी पट्टी के राज्यों में। उन राज्यों, राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में यह स्थिति बनी जहां बीजेपी का मजबूत आधार रहा है और जहां कुशाभाऊ ठाकरे जैसे नेताओं ने वर्षों मेहनत करके पार्टी के लिए जमीन तैयार की। सन 2013 में प्राप्त सीटों की संख्या को लेकर देखें तो मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में बीजेपी को बहुत नुकसान हुआ। यह गूंजते रहने वाली हार है।
यशवंत सिन्हा ने लिखा है ‘प्रत्येक चुनाव में सार्वजनिक सभाओं में भाषण का स्तर नई गिरावट को छू रहा है और प्रधानमंत्री इसके लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार हैं। इस चुनाव में और पहले के चुनावों में भी उन्होंने किस तरह के मुद्दों को उठाया, किस तरह की भाषा का उन्होंने इस्तेमाल किया, भारत जैसे देश का प्रधानमंत्री क्या ऐसा व्यवहार कर सकता है? वाजपेयी ने तो उत्तेजना पैदा करने वाले हालात में भी कभी ऐसा नहीं किया। बीजेपी यह नहीं कह सकती कि कुछ अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने उसके खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया और जिसका जवाब देना प्रधानमंत्री का कर्तव्य था।

सिन्हा के अनुसार प्रधानमंत्री द्वारा गढ़ा गया ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ का सपना जमीनी स्तर पर धराशायी हो गया है, यह बात शुरू से ही मूर्खतापूर्ण थी। उन्होंने लिखा ‘मैं हमेशा से कांग्रेस पार्टी की आलोचना करता रहा हूं। जब मोदी गुजरात में सत्ता का आनंद ले रहे थे तब मैं अपने साथियों के साथ कांग्रेस से लड़ रहा था। लेकिन आप लोकतंत्र में मुख्य विपक्षी पार्टी को कैसे हटा सकते हैं, खास तौर पर संसदीय लोकतंत्र में? यहां पर मोदी और शाह दोनों पूरी तरह गलत थे और जनता ने इन चुनावों के जरिए उन्हें सबक सिखा दिया।

– ईएमएस