बालाकोट हवाई हमले के बाद पाकिस्तान ने अपने 11 हवाई मार्गों में से एक को खोला


करीब एक महीने बाद पड़ोसी देश ने पश्चिमी देशों की ओर जाने वाली फ्लाइटों के लिए अपने एक हवाई रास्ते को खोल दिया है।

दिल्ली । भारतीय वायु सेना द्वारा पाकिस्तान की सीमा में घुसकर बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकाने पर किए गए हवाई हमले के बाद से ही पाकिस्तान ने भारत से आवागमन वाली उड़ानों के लिए अपने हवाई मार्ग को बंद कर दिया था। अब करीब एक महीने बाद पड़ोसी देश ने पश्चिमी देशों की ओर जाने वाली फ्लाइटों के लिए अपने एक हवाई रास्ते को खोल दिया है। बाकी बचे 10 हवाई रास्ते अभी बंद रहेंगे। एयर इंडिया और तुर्किश एयरवेज जैसी एयरलाइंस ने पाकिस्तानी एयरस्पेस के ऊपर से अपनी उड़ानों को शुरू कर दिया है, जिससे समय के साथ-साथ ईंधन की भी बचत होगी। हालांकि, अमेरिका की दिग्गज एयरलाइन यूनाइटेड ने अपनी नेवार्क-दिल्ली नॉनस्टॉप फ्लाइट को शुक्रवार से 2 हफ्तों के लिए निलंबित कर दिया है। मुंबई एयर ट्रैफिक कंट्रोल के एक सूत्र ने बताया, ‘बीती रात, पाकिस्तान ने पश्चिमी देशों को जाने वाली फ्लाइट्स के लिए अपने पी518 हवाई मार्ग को खोल दिया है। हालांकि, सभी एयरलाइनों ने इस रूट का अभी इस्तेमाल नहीं शुरू किया है।’ एयर इंडिया के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि दिल्ली से लंदन, वॉशिंगटन, न्यूयॉर्क और शिकॉगो के लिए उसकी सभी उड़ानों ने जो गुरुवार रात और शुक्रवार तड़के रवाना हुईं, पाकिस्तानी हवाई मार्ग का इस्तेमाल किया। अधिकारी ने आगे कहा कि खोला गया हवाई मार्ग दक्षिणी पाकिस्तान के ऊपर का है, जिससे यात्रा के समय में औसतन 15 मिनट की कमी हुई है। इस बीच, अमेरिका की दिग्गज एयरलाइन यूनाइटेड ने एक बयान जारी कर कहा कि शुक्रवार (5 अप्रैल) से उसने अपनी नेवार्क-दिल्ली सर्विस को दो हफ्तों के लिए निलंबित कर दिया है। उसने इसके लिए पाकिस्तान के ज्यादातर हवाई मार्गों के लंबे समय से बंद होने और हवा के बहाव की स्थिति को कारण बताया है। हालांकि, यूनाइटेड की दैनिक नेवार्क-मुंबई सेवा पहले की तरह ही जारी रहेगी। एयरलाइन ने कहा कि वह हालात पर करीबी नजर बनाए रखना जारी रखेगी और वह अमेरिकी सरकार के अधिकारियों व इंटरनेशनल पार्टनरों के साथ संपर्क में बनी हुई है।

ज्ञात हो कि 27 फरवरी को इंडियन एयर फोर्स ने पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े ट्रेनिंग कैंप को तबाह कर दिया था। इसके बाद से ही पाकिस्तान ने अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया था। इससे साउथ और साइथ-ईस्ट एशिया के बीच उड़ानों के साथ-साथ दिल्ली और पश्चिमी देशों के बीच की उड़ानें बुरी तरह प्रभावित हुईं हैं। एयर इंडिया की दिल्ली-न्यूयॉर्क (जॉन एफ केनेडी एयरपोर्ट) और दिल्ली-शिकागो उड़ानों को दोबारा ईंधन भरवाने और क्रू को बदलने के लिए विएना में टेक्निकल हॉल्ट लेना पड़ा। एयर इंडिया को दिल्ली और ईस्ट कोस्ट के बीच हर उड़ान पर अतिरिक्त ईंधन खपत, क्रू की जरूरतों और दोबारा ईंधन भरने के उद्देश्य से टेक्निकल हॉल्ट लेने की वजह से करोड़ों रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़े। एयर कनाडा ने दिल्ली-टोरंटो फ्लाइट को एक दिन के लिए सस्पेंड कर दिया था। पाकिस्तानी हवाई मार्गों की बंदी से मुंबई के एयर ट्रैफिक कंट्रोल पर भी काफी बोझ पड़ा है, जिसे हर दिन 40 प्रतिशत अतिरिक्त उड़ानों को हैंडल करना पड़ रहा है (जो मुंबई एयरपोर्ट पर लैंड नहीं करती, बस उसके ऊपर से गुजरती हैं)। मुंबई एयर ट्रैफिक कंट्रोल पहले ही मानव-संसाधन की कमी से जूझ रहा है। मुंबई एयर ट्रैफिक कंट्रोल के एक अधिकारी ने बताया, ‘आम तौर पर हम प्रतिदिन सिर्फ 750 ओवरफ्लाइंग फ्लाइटों को हैंडल करते हैं लेकिन हवाई मार्गों की बंदी की वजह से हमें प्रतिदिन ऐसी 1,000 से ज्यादा उड़ानों को मौजूदा इन्फ्रास्ट्रक्चर और मैनपावर के साथ हैंडल करना पड़ रहा है, जो अविश्वसनीय रूप से बेहद दबाव वाला है।’

– ईएमएस