उत्तर भारत में ठंड शबाब पर, दिल्‍ली में बना रिकॉर्ड, नलों में जम गया पानी, नववर्ष उत्सव भी होगा प्रभावित


देश की राजधानी दिल्ली कड़ाके की ठंड से बेहाल है। आने वाला नया साल का उत्सव भी इससे प्रभावित होता दिख रहा है।
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नई दिल्ली । देश की राजधानी दिल्ली कड़ाके की ठंड से बेहाल है। आने वाला नया साल का उत्सव भी इससे प्रभावित होता दिख रहा है। ऐसा लगता है कि ठंड ने इस बार तय कर लिया है कि वह अपने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ देगी। बुधवार को इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा, तापमान 3.6 डिग्री तक पहुंच गया। लेकिन ये ठंड यहां ही नहीं रुकेगी, मौसम विभाग की माने तो आने वाले दिनों में पारा इतना ही रहेगा। नए साल के आसपास पारा 3 डिग्री तक लुढ़क सकता है। यानी 2019 का स्वागत राजधानी दिल्ली कड़कड़ाती ठंड में करेगी। दिल्ली में लोग नए साल के जश्न के लिए खूब तैयारियां कर रही हैं, लेकिन इन तैयारियों में भंग भी पड़ सकता है। उत्तर भारत के अनेक शहरों में बुधवार को सुबह के समय कोहरा छाया रहा। पंजाब के बठिंडा में भी तापमान एक डिग्री से निची चला गया है। हरियाणा के हिसार में न्यूनतम तापमान माइनस एक डिग्री पहुंच गया। इससे पहले 29 दिसंबर 1973 को पारा माइनस 1.5 तक गिर गया था। ऐसे में लोग सिर्फ जरूरी काम के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

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उत्तर प्रदेश में शीत लहर का प्रकोप बना हुआ है। गलन के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। मुजफ्फरनगर में न्यूनतम तापमान एक डिग्री पर आ गया। राज्य में कई जगहों पर कोहरा छाया रहा। राजस्थान के फतेहपुर में सिर्दी का सितम नौवें दिन भी जारी रहा। बुधवार को यहां न्यूनतम तापमान माइनस 2.8 डिग्री दर्ज किया गया। सीकर सहित कई जिलों में हालात बेकाबू हो रहे हैं। कश्मीर में सर्दी और तेज हो गई है। बुधवार को अधिकांश जगह पारा शून्य से नीचे रहा। कई आवासीय इलाकों में नलों और टंकियों में पानी जम गया। लद्दाख इलाके में लेह कस्बे में पारा माइनस 17.1 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। कश्मीर में डल झील और अन्य जलाशयों का पानी आंशिक रूप से जमने लगा है।

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उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। राज्य के छह से अधिक शहरों में तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है। क्षेत्रीय मौसम कार्यालय ने बताया कि अगले तीन दिनों तक अत्यधिक ठंड रहेगी। हरिद्वार, ऋषिकेश और उधमसिंह नगर में शीतलहर का प्रकोप बढ़ने की संभावना है। अल्मोड़ा में न्यूनतम तापमान शून्य से 3.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया जबकि मुक्तेश्वर और पिथौरागढ़ का तापमान शून्य से एक डिग्री नीचे लुढ़क गया। खबरों के मुताबिक, उत्तरकाशी में यमुना घाटी और पिथौरागढ़ के कुछ हिस्सों जैसे पहाड़ी इलाकों में भी प्राकृतिक जलस्रोत जम गए हैं। अधिकारियों ने आइएएनएस से कहा कि राज्य की राजधानी देहरादून में न्यूनतम तापमान तीन साल में सबसे कम 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जहां शीतलहर का प्रकोप जारी है। रुड़की और हरिद्वार में धुंध की स्थिति ने कहर और बढ़ा दिया है। इसके अलावा केदारनाथ राजमार्ग पर रुद्रप्रयाग में बांसवाड़ा के निकट भूस्खलन की भी सूचना मिली है। इसके साथ कोहरे ने सड़क और रेल यातायात को प्रभावित किया है। कई ट्रेनें अपने समय से घंटों पहले चल रही थीं, और कुछ खराब मौसम के कारण रद्द कर दी गईं।

हिमाचल की राजधानी शिमला के लक्कड़ बाजार, ऑकलैंड टनल, यूएस क्लब, स्नोडन, जाखू आदि क्षेत्रों में पानी जमना शुरू हो गया है। इससे रास्तों में फिसलन बढ़ गई है। शिमला में इन दिनों ठंड का प्रकोप जारी है। रात को तापमान गिरने के कारण पाइपों से गिर रहा पानी भी जम गया है।

– ईएमएस