पर्वतारोही अर्जुन वाजपेई ने शुरू की अन्नापूर्णा की चढ़ाई


युवा माउंट एवरेस्ट पर्वतारोही अर्जुन वाजपेई निकल पड़े हैं। दुनिया के अति दुर्गम पर्वातारोहणों में से एक अन्नापूर्णा -१ की चढ़ाई शुरू कर चुके हैं।
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नोएडा। एक बार फिर देश के सबसे युवा माउंट एवरेस्ट पर्वतारोही अर्जुन वाजपेई निकल पड़े हैं। पर्वतारोहण के लिए। इस बार वे दुनिया के अति दुर्गम पर्वातारोहणों में से एक अन्नापूर्णा -१ की चढ़ाई शुरू कर चुके हैं। शुरुआत में कुछ दिन बेस कैंप में रहने के बाद वे और उनके साथी टीम के सदस्य कैंप वन और कैंप टू में एक-एक रात गुजार कर वापस बैस कैंप आ गए हैं। मौसम बहुत ज्यादा खराब होने के कारण अभी वे बेस कैंप में ही हैं। जैसे ही मौसम ठीक होगा, वे अन्नापूर्णा की चढ़ाई फिर शुरू करेंगे। अगर सब कुछ ठीक रहा तो यह यात्रा ४० दिनों में पूरी कर लेंगे। मौसम काफी खराब होने के कारण अर्जुन और उनके साथी काफी दिनों तक काठमांडू में ही ठहरे हुए थे। थोड़ा मौसम ठीक हुआ तो वे बेस कैंप के लिए रवाना हो गए। इसके बाद वे बेस कैंप वन पहुंचे। वहां पर एक रात गुजार कर वे बेस कैंप टू गए। वहां पर भी उन्होंने एक रात गुजारी।

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उसके बाद वे पुनः अपने बेस कैंप लौट आए हैं। इस दौरान मौसम काफी खराब रहा। अभी भी बेक कैंप में भारी बर्फबारी हो रही है। तेज हवां चल रही हैं। इस कारण से वे आगे की चढ़ाई शुरू नहीं कर पा रहे हैं। जैसे ही मौसम ठीक होगा, वे पुनः आपनी यात्रा बेस कैंप से शुरू करेंगे। चढ़ाई के लिए निकलने से पहले अर्जुन ने कहा, पूरी कोशिश रहेगी कि मैं इसमें भी सफलता हासिल करूं। बाकी सब मौसम पर निर्भर है। आपको बता दें कि इसकी चढ़ाई बहुत कठिन है, इस पर उन्होंने कहा, यह बिल्कुल ठीक सुना है। इसकी चढ़ाई बहुत ही मुश्किल मानी जाती है। रिस्क बहुत है, लेकिन रिस्क लेकर ही आने बढ़ने का नाम जीवन है। उल्लेखनीय है कि २०१० में माउंट एवरेस्ट चढ़कर देश के सबसे युवा एवरेस्ट विजेता बन चुके अर्जुन के खाते में सफलताएं ज्यादा हैं। उनके साथ इस बार चीन के झोआंग गाओ भी इस राह के साथी बने हैं। इनके अलावा उनके साथ दो शेरपा निमा दाई और राजेश शेरपा साथ रहेंगे। दोनों ही नेपाल के हैं।

– ईएमएस