भारी हिमपात से सिक्किम के नाथू-ला फंसे ढाई हजार सैलानियों को सेना ने सुरक्षित बचाया


भारतीय सेना ने पूर्वोत्तर स्थित सिक्किम के नाथू-ला में हुए भारी हिमपात के चलते करीब 2500 फंसे सैलानियों को बचाया है।
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नई दिल्ली। भारतीय सेना ने पूर्वोत्तर स्थित सिक्किम के नाथू-ला में हुए भारी हिमपात के चलते करीब 2500 सैलानी फंस गए। भारतीय सेना ने अल्प सूचना में ऑपरेशन कर इसको बचाया है। ये सभी लोग इस इलाके में 400 से ज्यादा वाहनों में फंसे थे। इन सभी को खाना, शेल्टर और मेडिकल सुविधा मुहैया कराई गई है। बता दें कि शुक्रवार को सिक्किम हुई बर्फबारी में कई पर्यटक फंस गए थे। सेना ने ट्विटर पर जानकारी देते हुए लिखा, भारतीय सेना ने सिक्किम के नाथू ला में 400 से ज्यादा वाहनों में फंसे पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया है। इन सभी को मेडिकल, खाना और शेल्टर (आवास) उपलब्ध कराया गया है। नाथू ला पूर्वी सिक्किम का पहाड़ी दर्रा है जोकि समुद्र तल से 4310 मीटर (14140 फुट) की ऊंचाई पर स्थित है। केवल भारतीय नागरिक ही यहां पर्यटन के लिए जा सकते हैं, इसके लिए गंगटोक के अनुमति लेनी होती है।

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सिक्किम में शुक्रवार को हुई मौसम की पहली बर्फबारी ने पर्यटकों को उत्साह का मौका दिया। आमतौर पर सिक्किम में बर्फबारी जनवरी महीने में होती है, जबकि राजधानी गंगटोक में बर्फबारी नहीं होती है। मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर में लाचेन और लाचुंग, दक्षिण में राव रावला और पूर्वी सिक्किम में हनुमान टोंक क्षेत्र में ऊपरी इलाकों में बर्फबारी हुई। बर्फबारी का आनंद लेने के लिए पर्यटक अपने होटलों और वाहनों से सड़कों पर निकलते देखे गए। राज्य के विभिन्न हिस्सों में दोपहर के समय हल्की, बारिश और ओलावृष्टि से मौसम बदल गया। मौसम विभाग ने बताया कि बारिश के बाद गंगटोक में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। हालांकि सरकार ने स्पष्ट कि यह विधेयक किसी को निशाना बनाने के लिए नहीं बल्कि मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने के लाया गया है। सदन ने एनके प्रेमचंद्रन के सांविधिक संकल्प एवं कुछ सदस्यों के संशोधनों को नामंजूर करते हुए महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक 2018 को मंजूरी दे दी। विधेयक पर मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 245 वोट और विपक्ष में 11 मत पड़े।

– ईएमएस