उत्तर भारत के मानसून पर मंडरा रहा है ‘वायु’ चक्रवात का संकट


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भीषण गर्मी से पीड़ित उत्तर भारत में मानसून देर से होने की संभावना बताई जा रही है, वहीं वायु तूफान वहां पर गरीबी में आटा गिला साबित होगा ऐसा माना जा रहा है। क्योंकि माना जा रहा है कि वायु तूफान के कारण मानसून के बादलों के खींचे जाने की आशंका जताई जा रही है, और अगर ऐसा होता है तो उत्तर भारत के लिए ‘वायु’ तूफान हाहकार मचाने वाला साबित होगा। क्योंकि उत्तर भारत में अधिकांश लोग कृषि पर निर्भर हैं और अगर इस साल भी मानसून में बारिश कम होती है, तो किसान कर्ज के तले दबने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

उत्तर भारत में ऐसे तो पहले से ही मानसून देर से आने की संभावना है, ऐसे में 80 से 90 किमी की रफ्तार से आ रहे ‘वायु’ तूफान के कारण अगर मानसून के बादल खिंचे चले जाएंगे तो किसानों का बुरा हाल होगा। उल्लेखनीय है कि सौराष्ट्र-कच्छ पर मंडरा रहा वायु तूफान वेरावल से केवल 325 किमी दूर है और 9 किमी की गति से आगे बढ़ रहा है। इस तूफान ने एक बड़ा रूप ले लिया है। अरब सागर में बना गहरा अवसाद अब गहन चक्रवात में बदलने के कारण लोगों के साथ-साथ प्रणाली में भी चिंता का माहौल देखा जा रहा है। बुधवार के दिन सौराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों में 2.91 लाख लोगों को स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

भारत का मौसम विभाग ने बताया कि मानसून पहले ही एक सप्ताह देरी से चल रहा है, मानसून दक्षिण अरब सागर, लक्षद्वीप और केरल और दक्षिणी तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ेगा। मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि पूर्व के कुछ हिस्सों में भी बारिश ना हो ऐसी स्थिति भी होने का अनुमान लगाया गया है।