रंग लाई मोदी की 59 मिनट में लोन योजना, सरकार ने 37,412 करोड़ रुपए के लोन पास किए


मोदी सरकार ने रोजगार देने वाले सूक्ष्म, छोटे उद्योगों के विकास के लिए 59 मिनट में एक करोड़ तक का लोन उपलब्ध कराने की योजना पेश की थी।
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केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री शिवप्रताप शुक्ला लोकसभा में दी जानकारी

नई दिल्ली। मोदी सरकार ने देश में बड़े स्तर पर रोजगार देने वाले सूक्ष्म, छोटे और मध्यम उद्योगों के विकास के लिए 59 मिनट में एक करोड़ तक का लोन उपलब्ध कराने की योजना पेश की थी। आंकड़ों के अनुसार, सरकार ने इस योजना के तहत छोटे और मझोले उद्योगों को लगभग 37,412 करोड़ रुपए के लोन पास कर दिए है। जिसका असर भी देखने को मिल रहा है। बता दें कि मोदी सरकार ने इसी साल दो नवंबर को 59 मिनट में एक करोड़ तक का लोन योजना की शुरूआत की थी। जानकारी के अनुसार सरकार ने इस योजना के तहत अबतक लोन के 1.12 लाख आवेदनों को अप्रूव किया है। इन आवेदनों के आलोक में सरकार 37,412 करोड़ के लोन बांटने की तैयारी में है।

केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री शिवप्रताप शुक्ला ने लोकसभा में बताया कि 25 दिसंबर तक 40,669 मामलों में 14,088 करोड़ रुपए के लोन बांटे जा चुके हैं। बताया गया है कि केन्द्र सरकार ने छोटे और मझोले उद्योग, जो जीएसटी के तहत रजिस्टर्ड हैं, उन्हें सिर्फ 59 मिनट में एक करोड़ रुपए तक का लोन देने की योजना की शुरुआत की थी। इस योजना का लाभ उठाने के लिए उद्योगों को नामक पोर्टल पर लॉगइन करना होता है। जहां 59 मिनट की आसान प्रोसेस के जरिए एक करोड़ रुपए तक के लोन के लिए आवेदन किया जा सकता है। बता दें कि भारत में छोटे और मझोले लगभग 46 मिलियन उद्योगों से करीब 100 मिलियन जॉब्स मिलती हैं। देश की जीडीपी में छोटे और मझोले उद्योगों का हिस्सा करीब 38 फीसदी है। देश के एक्सपोर्ट का 40 फीसदी हिस्सा इन्हीं छोटे और मझोले उद्योगों का है। देश के मैन्यूफैक्चरिंग का करीब 45 फीसदी हिस्सा छोटे और मझोले उद्योगों का है। आंकड़ों के अनुसार देश का छोटा और मझोला उद्योग सेक्टर लगभग 6000 प्रोडक्ट का निर्माण कर रहा है, जिनमें पारंपरिक प्रोडक्ट के साथ ही अत्याधुनिक प्रोडक्ट्स भी शामिल हैं।

– ईएमएस