नौसेना के लिए छह अत्याधुनिक पनडुब्बियां हासिल करने की प्रक्रिया शुरू


रक्षा मंत्रालय ने महत्वाकांक्षी सामरिक साझेदारी मॉडल के तहत नौसेना के लिए छह अत्याधुनिक पनडुब्बियां हासिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
Photo/Twitter

नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने महत्वाकांक्षी सामरिक साझेदारी मॉडल के तहत नौसेना के लिए छह अत्याधुनिक पनडुब्बियां हासिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन पर करीब 45 हजार करोड़ रुपए की लागत आएगी। इन पनडुब्बियों का निर्माण पी-75(आइ) कार्यक्रम के तहत भारतीय रक्षा निर्माण कंपनी और विदेशी पनडुब्बी निर्माता द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। इनमें एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें और अन्य विध्वंसक हथियार भी लगाए जाएंगे।

सूत्रों ने बताया कि प्रमुख पनडुब्बी निर्माताओं को चार हफ्ते में एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट जारी कर दिया जाएगा। रक्षा मंत्रालय ने भारतीय और विदेशी कंपनी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस मेगा परियोजना के क्रियान्वयन के लिए जनवरी में गठित अधिकार प्राप्त समिति पहले ही चुनिंदा भारतीय रक्षा कंपनियों के साथ बातचीत कर चुकी है। इन कंपनियों में अडानी डिफेंस, लार्सन एंड टुब्रो और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय ने एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट का मसौदा पहले ही तैयार कर लिया है और इसे संभावित कंपनियों के साथ साझा भी किया गया है। मालूम हो कि प्रोजेक्ट 75 के तहत पहले ही नौसेना के लिए मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा छह स्कॉर्पीन पनडुब्बियों का निर्माण किया जा रहा है। इनका डिजायन फ्रांसीसी कंपनी नैवल ग्रुप ने तैयार किया है।

– ईएमएस