देशभर में 50 दवाये गुणवत्ता विहीन, 20 दवाओं के सैंपल फेल


मानकों पर खरी न उतरने पर देशभर में 50 दवाओं को गुणवत्ता विहीन पाया गया है।
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नई दिल्ली। मानकों पर खरी न उतरने पर देशभर में 50 दवाओं को गुणवत्ता विहीन पाया गया है। इनमें से 20 दवाएं हिमाचल के अलग-अलग जिलों के दवा उद्योगों में बनी हैं। इन दवाओं को केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने फेल कर दिया है। स्टॉक बाजार से वापस मंगवा लिया गया है। दवा विक्रेताओं को तत्काल प्रभाव से इनकी बिक्री रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं।

सीडीएससीओ ने मार्च में देशभर की दवा कंपनियों के 2011 सैंपल लिए थे। इनमें से 50 सैंपल फेल हो गए हैं। देशभर में फेल हुईं इन दवाओं में करीब 40 प्रतिशत हिमाचल में बनी हैं। जबकि अन्य राज्यों की दवाओं में उत्तराखंड के रुड़की व हरिद्वार में बनीं आठ, जबकि अमृतसर में बनी सात व गुजरात में बनी दो दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। इसके अलावा हैदराबाद, रायसेन, बड़ौदा, असम, जम्मू-कश्मीर के सांबा, दमन, नेरला (दिल्ली), हिसार, पालघर, इंदौर, रतलाम, मध्य प्रदेश के पितांबर, मुंबई के अंधेरी में बनी एक-एक दवा का सैंपल फेल हुआ है। इन सभी दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।

फेल हुई दवाएं गैस्ट्रिक, एंटीबायोटिक, आंखों संबंधी, शुगर, शरीर में ब्लड क्लॉटिंग के उपचार के लिए, विटामिन, बैक्टीरियल इन्फेक्शन, एंटी एलर्जिक, कांस्टीपिटेशन, गंभीर एलर्जी अस्थमा गठिया के उपचार के प्रयोग में लाई जाती हैं। हिमाचल की ये दवाएं फेल- फेल हुए सैंपलों में स्विस गार्नियर बायोटेक मैहतपुर ऊना की प्राईकैम-एम-2 फोर्ट, चिरोस फार्मा लोहारण सोलन की मोकोडिन-सीवी ड्राई सिरप और एलमोक्स-सीवी 625, समर्थ लाईफसाईंसिज लोदीमाजरा बददी की विट-के-1 (कैनाडिओनी), एक्वा वाईटो लैबोरेट्रीज कुंजाहल बद्दी की कोलिस्ट, थियोन फार्मास्यूटीकल लिमिटेड सैणीमाजरा नालागढ़ की लूकास्ट-एलसी, कान्हा बायोजेनेटिक लैबोरेट्रीज झाड़माजरी की सेफीडॉक-एएक्स, ऑयन हेल्थकेयर बद्दी की लैक्सीनेट, ओरिसन फार्मा इंटरनेशनल खड़ी मौजाऊगली काला अंब की एमोक्सीसिलीन एंड क्लोक्सीलिन। एसवीआर हेल्थकेयर बरोटीवाला पावंटा साहिब की सेफूरॉक्सीम एक्सटिल (एक्सटूम-250), ऑस्कर रेमेडीज जोहरॉन कालाअंब की सेफूरॉक्सीम एक्सटिल (एक्सटूम-500), डिजिटल विजन काला अंब की ग्लीमप्राईड, अल्ट्राटेक फार्मास्यूटीकल टिप्परा बरोटीवाला का हाईड्रोकोर्टीसोन सोडियम सुकीनेट इंजेक्शन, एमसी फार्मास्यूटीकल सूरजपुर पांवटा साहिब की पेंट्रापजॉल, सीएमजी बायोटेक संसारपुर टेरेस की सोडियम एलेंड्रॉनेट, हनुकेम लैबोरेट्रीज परवाणु की मॉक्सीफलोक्ससीन विद डिफलूप्रेडनेट आई ड्रॉप, अलाईस हैल्थकेयर गुरूमाजरा बद्दी की रेबमारक्यू-डीएसआर, पोलस्टार पॉवर इंडस्ट्री दामुवाला बद्दी की स्टॉपडॉक्स-सीवी शामिल है।

राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मरवाह का कहना है कि उद्योगों को नोटिस देकर बैच मार्केट से वापस मंगवा लिए है, वहीं इनकी विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। कई दवाओं में वातावरण का भी असर पड़ता है, जिसके चलते कई दवाओं के सैंपल फेल होते हैं। सैंपलों की जांच- दवाओं के सीडीएससीओ ईस्ट जोन कोलकाता, सीडीएससीओ सब जोन बद्दी, सीडीएससीओ वेस्ट जोन मुंबई, ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट अरुणाचल प्रदेश, ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट असम, ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट मिजोरम, हिमाचल प्रदेश स्टेट, सीडीएससीओ सब जोन जम्मू ने सैंपल लिए थे, जिनकी जांच सीडीएल कोलकता, सीडीटीएल मुंबई, आरडीटीएल गुवाहाटी और आरडीटीएल चंडीगढ़ में जांच हुई है।

– ईएमएस