26 साल बाद मायावती ने मुलायम के साथ साझा किया मंच


मायावती ने सबसे बड़े सियासी शत्रु सपा संरक्षण मुलायम सिंह यादव के साथ 26 साल बाद मैनपुरी में आयोजित जनसभा में मंच साझा किया।
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लखनऊ। मायावती के चुनाव प्रचार पर लगी रोक की अवधि अब खत्म हो चुकी है। शुक्रवार को उन्होंने अपने एक समय के सबसे बड़े सियासी शत्रु सपा संरक्षण मुलायम सिंह यादव के साथ 26 साल बाद मैनपुरी में आयोजित जनसभा में मंच साझा किया। मैनपुरी के क्रिश्चियन फील्ड में आयोजित महागठबंधन की जनसभा में मुलायम सिंह यादव, मायावती और अखिलेश यादव ने मिल कर मोदी को हटाने का संकल्प लिया। मायावती ने कहा मुलायम ही पिछड़े वर्गों के असली नेता हैं, जबकि पीएम नरेंद्र मोदी पिछड़े वर्ग के फर्जी नेता हैं। एक बात याद रखिएगा नकली व्यक्ति पिछड़ों का कभी भला नहीं कर सकता।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि यहां पर उमड़ी भीड़ से साफ है कि आप लोग सपा संरक्षक मुलायम जी को भारी संख्या में जिताकर संसद भेजेंगे, मायावती ने कहा कि 2 जून, 1995 के गेस्टहाउस कांड को भुलाकर हम एक साथ आए हैं। मायावती ने पीएम नरेंद्र मोदी पर गरीबों, पिछड़ों का हक मारने का आरोप लगाया। मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने भी वायदा खिलाफी की है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि कांग्रेस की न्याय योजना सिर्फ दिखावा है। हम गरीबों की बेहतरी के लिए काम करेंगे।

मायावती के साथ उनके भतीजे आकाश भी मंच पर उपस्थित थे। रालोद अध्यक्ष अजित सिंह इस रैली में शामिल नहीं हुए। रैली के जरिए महागठबंधन प्रतिद्वंद्वियों को यह संदेश देने की कोशिश कि की सभी दल भाजपा के खिलाफ एकजुट हैं। शुरू में ऐसी खबरें थीं कि मुलायम रैली में शामिल नहीं होंगे। लेकिन सपा के संरक्षक रैली में शामिल हुए और चुनाव में भरपूर बहुमत मिलने की प्रतिबद्धता भी जताई। मुलायम ने मायावती का अभिनंदन करते हुए कहा आखिरी बार चुनाव लड़ रहा हूं, पहले से ज्यादा वोटों से जिताना। उन्होंने अपने सहयोगियों को भी जिताने की अपील की।

इस अवसर पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मुलायम सिंह यादव के पक्ष में मतदान करने की अपील करते हुए भाजपा पर तीखे हमले किए। अखिलेश ने कहा देश नाजुक दौर से गुजर रहा है। देश के किसान दुःखी हैं। यह चुनाव देश के भविष्य से जुड़ा है। हमें नया प्रधानमंत्री बनाना है, लोगों की नौकरी, रोजगार खत्म हो गया। नया प्रधानमंत्री बनेगा तभी नया भारत बनेगा।

– ईएमएस