तय समय पर ही होंगे लोकसभा चुनाव : चुनाव आयोग


मुख्य चुनावआयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा ‎कि आम चुनाव अपने तय समय से होंगे।
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– राजनीतिक दलों ने ईवीएम को बना दिया फुटबॉल

– निर्वाचन आयोग ने चुनाव की तैयारियों का ‎लिया जायजा

– सी ‎वि‎जिल एप पर कर सकेंगे ‎शिकायत

नई दिल्ली । भारत-पा‎किस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर लोकसभा चुनाव के बारे में असमंजस की ‎‎‎स्थि‎ति बन रही है। वहीं इस ‎स्थि‎ति को साफ करते हुए मुख्य चुनावआयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा ‎कि आम चुनाव अपने तय समय से होंगे। जानकारी के अनुसार चुनाव आयोग मार्च के पहले हफ्ते में तारीखों का एलान कर सकता है। उल्लेखनीय है कि मौजूदा लोकसभा का कार्यकाल आने वाली तीन जून को खत्म होगा। इसके मद्देनजर आयोग ने चुनाव किस महीने में और कितने चरण में कराये जाने हैं, यह तय करने की प्रक्रिया शुरु कर दी है। आयोग ने 2004 में लोकसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा 29 फरवरी को चार चरण में, 2009 में दो मार्च को पांच चरण में और 2014 में पांच मार्च को नौ चरण में कराने की घोषणा की थी। पिछले तीनों लोकसभा चुनाव अप्रैल से मई के दूसरे सप्ताह में संपन्न करा लिये गए।

कहा – राजनीतिक दलों ने ईवीएम को बना दिया फुटबॉल

वहीं मुख्य ‎निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने ‎पिछले कुछ सालों में ईवीएम की ‎विश्वसनीयता को लेकर कुछ राजनीतिक दलों की आपत्तियों पर कहा कि देश में ईवीएम को फुटबॉल बना दिया गया है। अरोड़ा ने कहा कि देश में दो दशकों से ज्यादा समय से ईवीएम का इस्तेमाल किया जा रहा है। अगर हम 2014 के लोकसभा चुनाव को लें तो ईवीएम से एक नतीजा आया। उसके चार महीने बाद दिल्ली विधानसभा चुनाव में नतीजा बिल्कुल दूसरा आया। उन्होंने कहा कि हमने जाने-अनजाने में ईवीएम को पूरे देश में फुटबॉल बना दिया। अगर रिजल्ट एक्स है तो ईवीएम ठीक है, अगर नतीजा वाई है तो ईवीएम खराब है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि इसके बाद भी हमने लोगों की भावना का संज्ञान लेते हुए वीवीपैट की व्यवस्था की। इसमें कुछ शुरुआती दिक्कतें आयीं। मगर उनकी भी व्यवस्था कर ली गयी है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने भी स्पष्ट कर दिया है कि देश में मतपत्रों से मतदान की व्यवस्था बहाल नहीं की जा सकती।
अरोड़ा ने कहा कि ईवीएम का निर्माण रक्षा उपकरण बनाने वाली हाईली सिक्योर कम्पनियां भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इण्डिया लिमिटेड (ईसीआईएल) करती हैं। ईवीएम की व्यवस्था की निगरानी के लिये एक तकनीकी परामर्शदात्री समिति भी बनाई गई है, जिसके पास निर्णायक शक्ति है। वह ताकत चुनाव आयोग के पास भी नहीं है। उस समिति में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विशेषज्ञ शामिल हैं, लिहाजा संदेह की कोई गुंजाइश नहीं है।

लॉन्च होगा सी ‎वि‎जिल ऐप

इसके अलावा चुनावी प्र‎क्रिया को और भी ‎विश्वसनीय बनाने के ‎लिए सुनील अरोड़ा ने बताया, इस बार चुनाव में सी विजिल ऐप लॉन्च किया जाएगा। इसे पायलट प्रॉजेक्ट के तौर पर कर्नाटक में लॉन्च किया गया था, जहां हमें 28 हजार शिकायत नागरिकों के माध्यम से मिली थी।’ उन्होंने बताया कि ऐप के जरिये नागरिक चुनाव से जुड़ी कोई भी शिकायत इस पर करेगा तो 100 मिनट में अधिकारी को रिस्पॉन्स करना होगा कि उन्होंने क्या कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि अगर नागरिक कैश इस्तेमाल करने या कोई और गंभीर शिकायत करते वक्त अपना नाम गुप्त रखना चाहता है तो उसे भी सुविधा होगी। आयोग उस पर की गई करवाई की जानकारी अखबार में विज्ञापन के जरिए देगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने निर्वाचन आयोग के दल के साथ बैठक की। इस बैठक में लोकसभा चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रदेश के सभी जिला स्तरीय अधिकारियों से बातचीत की। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार आयोग की टीम ने जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ देर रात तक चली मैराथन बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से कराने के लिए अब तक की तैयारियों का जायजा लिया।

उन्होंने निर्देश दिए कि मतदाताओं को निर्वाचन आयोग की हेल्पलाइन 1950 के बारे में जानकारी दी जाए और सोशल मीडिया की निगरानी करने के लिए हर जिले में मीडिया सेंटर बनाए जाए। अरोड़ा ने कहा कि चुनाव के दौरान धार्मिक, सामुदायिक, जाति और क्षेत्र के आधार पर भेदभाव न पनपने पाए। इसके लिए सामाजिक संगठनों, गणमान्य व्यक्तियों और गैर सरकारी संगठनों की सहायता ली जाए। संवेदनशील क्षेत्रों को चयनित कर वहां सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा दिया जाए। प्रदेश से लगी सीमाओं पर खासतौर पर ‎निगरानी रखी जाए। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जाए। इसके लिए ऐसे मतदान केंद्रों को पहले ही चिन्हित किया जाए। उन्होंने कहा कि आयोग के सभी निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए और लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चा‎हिए । इस बैठक में प्रदेश के सभी मंडल आयुक्त, जिलाधिकारी, क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक, परिक्षेत्र उपमहानिरीक्षक तथा जिला पुलिस प्रमुख मौजूद थे।

– ईएमएस