बर्बादी की कगार पर पहुंची विमानन कंपनी जेट एयरवेज!


जेट एयरवेज के पायलट्स ने पीएम मोदी और नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु से कंपनी को बचाने के लिए जल्द कदम उठाने की मांग की है।
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पायलटों ने पीएम मोदी को पत्र लिख मांगी मदद

नई दिल्ली । आर्थिक रूप से खस्ताहाल हो चुके जेट एयरवेज के पायलट्स ने पीएम मोदी और नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु से कंपनी को बचाने के लिए जल्द कदम उठाने की मांग की है। जेट एयरवेज के भारतीय पायलटों की रजिस्टर्ड ट्रेड यूनियन नेशनल एविएटर्स गिल्ड ने पीएम मोदी को लेटर लिखा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेट के 260 पायलट उसके प्रतिस्पर्धी एयरलाइंस स्पाइसजेट में नौकरी हासिल करने की कोशिश में लगे हैं। इससे कंपनी की मुश्किल और बढ़ सकती हैं।

बता दें कि कुछ दिनों पहले ही पायलटों ने चेतावनी दी थी कि 31 मार्च तक उनकी पिछली सैलरी नहीं मिली, तो वहां 1 अप्रैल से हड़ताल पर चले जाएंगे। बताया जा रहा है कि पायलट और इंजीनियरों को छोड़कर बाकी सभी कर्मचारियों को समय से वेतन मिल रहा है। जेट एयरवेज के भारतीय पायलटों की रजिस्टर्ड ट्रेड यूनियन नेशनल एविएटर्स गिल्ड ने पीएम मोदी को लेटर लिखकर आशंका जाहिर की है कि एयरलाइंस बर्बादी के कगार पर पहुंच गई है। अगर ऐसा होता है तो हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। इससे भारतीय एविएशन सेक्टर में परेशानियां बढ़ जाएंगी। इसके बाद किराया बढ़ जाएगा। लिहाजा यात्रियों की मुश्किलें बढ़ जाएगी।

वहीं जेट एयरवेज में नरेश गोयल मालिकाना हक रखते हैं, उनकी कंपनी पिछले 25 साल के इतिहास के सबसे बड़े वित्तीय संकट का सामना कर रहा है। कंपनी पर करीब 8,500 करोड़ रुपए का कर्ज है। कंपनी के 120 प्लेन के बेड़े में से करीब एक-तिहाई खड़े हो गए हैं और पहले रोज संचालित 450 उड़ानों के मुकाबले कंपनी सिर्फ 150 फ्लाइट का संचालन कर रही है।कंपनी अपने बैंकों का कर्ज नहीं चुका रही और सप्लायर्स का भुगतान भी नहीं कर पा रही। भारतीय स्टेट बैंक कंपनी को बचाने के लिए एक बेलआउट पैकेज तैयार कर रही है।

– ईएमएस