जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र कांग्रेस में शामिल


(Photo: IANS/Congress)

राजस्थान विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के संस्थापक सदस्यों में से एक जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह बुधवार को कांग्रेस में शामिल हो गए। सिह ने सुबह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की और बाद में महासचिव अशोक गहलोत और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट और अन्य नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में पार्टी में शामिल होने की जानकारी दी।

बाड़मेर के शिव क्षेत्र से विधायक मानवेंद्र ने सितंबर में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) छोड़ने की घोषणा की थी। वह पार्टी में अपने पिता को दरकिनार किए जाने से दुखी थे। 2014 लोकसभा चुनाव में उनके पिता को टिकट नहीं दिया गया था, जिसके कुछ वर्ष बाद राजपूत नेता जसवंत सिंह कोमा में चले गए।

संवाददाता सम्मेलन में इस बात की भी घोषणा की गई कि महाराष्ट्र में भाजपा के पूर्व विधायक आशीष देशमुख भी पार्टी में शामिल हो गए हैं। देशमुख विदर्भ क्षेत्र के कटोला विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। राफेल जेट करार मामले के सामने आने के बाद इस माह की शुरुआत में उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था।

पूर्व लोकसभा सांसद सिंह ने मीडिया से कहा कि वह राजस्थान में वसुंधरा राजे नीत भाजपा सरकार द्वारा लगातार निशाना बनाए जाने के बाद कांग्रेस में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि समस्या 2014 में शुरू हुई, जब भाजपा ने उनके पिता को लोकसभा चुनाव में टिकट देने से इंकार कर दिया।

उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री राजे और भाजपा लगातार हमें निशाना बना रहे थे। कांग्रेस में शामिल होना निजी निर्णय नहीं है, बल्कि यह लोगों का निर्णय है, जो भाजपा को सबक सिखाना चाहते हैं।”

गहलोत ने कहा, “एक व्यक्ति जो देश का वित्तमंत्री, रक्षामंत्री और विदेश मंत्री रहा, जो प्रधानमंत्री के कद का था, उसे भाजपा ने एक साजिश के तहत व्यवस्थित तरीके से निशाना बनाया।”

उन्होंने कहा, “हम सभी जानते हैं कि भाजपा कैसे अपने पुराने नेताओं के साथ व्यवहार करती है। भाजपा में ऐसे कई लोग हैं, जिनको निशाना बनाया जा रहा है और वे कांग्रेस में शामिल होना चाहते हैं।”

सोशल मीडिया पर मानवेंद्र के कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा करते हुए राहुल ने कहा कि इससे पार्टी की ताकत बढ़ेगी।

देशमुख महाराष्ट्र कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री रंजीत देशमुख के बेटे हैं। उन्होंने कहा कि वह राफेल सौदे में मोदी सरकार के खिलाफ लड़ने के लिए कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं।

देशमुख ने कहा, “राफेल करार स्पष्ट तौर पर आपराधिक कदाचार और प्रधानमंत्री पद के दुरुपयोग का मामला है।”

–आईएएनएस