हनीट्रैप में फंसा कर आईएसआई भारतीय युवाओं से उगलवाती है अहम राज


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नई दिल्ली। अगर आपके फेसबुक एकाउन्ट पर अगर कोई अनजाना व्यक्ति लाइक या कमेंट करता है तो तुरंत संभल जाइए। यह पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई का बिछाया जाल हो सकता है, जिसका मकसद लोगों को फंसा कर खुफिया जानकारियां जुटाना होता है।

यह बात जासूसी के आरोप में बीएसएफ जवान अच्युतानंदन मिश्रा को बुधवार को पकड़नेवाले उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते (यूपी एटीएस) ने कही है। अच्युतानंदन मिश्रा को बुधवार की शाम से पांच दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया।

आईएसआई ने मिश्रा को सोशल मीडिया के माध्यम से हनी ट्रैप में फंसाया और बीएसएफ लॉजिस्टिक्स और ट्रुप मूवमेंट संबंधी जानकारियां जुटाने में इस्तेमाल किया।

एटीस के इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) ऑफ पुलिस असीम अरुण ने बताया कि बीएसएफ जवान को किसी ने महिला बन उसकी फोटो पर सिर्फ लाइक कर हनीट्रैप में फंसाया था। बीएसएफ जवान आईएसआई के बिछाए जाल में उलझ कर बिना जान पहचान वाले उस फेसबुक यूजर को अपनी फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दी।

सूत्रों ने बताया कि जिस फेसबुक आईडी से मिश्रा को फंसाया गया था उसकी फ्रेंड लिस्ट में 30 और भारतीय शामिल हैं। असीम अरुण ने यह माना कि हाल में आईएसआई की तरफ से सोशल मीडिया के जरिए हनीट्रैप में फंसाने के कई ऐसे मामले सामने आए हैं, इसमें किसी भी पोस्ट पर बिना जान-पहचानवाले लोग, जिनमें ज्यादातर लड़कियां होती हैं, लाइक या फिर कमेंट करके संबंध बढ़ाने की शुरूआत करती हैं।

आईएसआई की एजेंट इस तरह से सामान्य लोगों और सेना के जवानों को अपने जाल में फंसाती हैं, ताकि उनसे महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जा सकें।

– ईएमएस