अंतरराष्ट्रीय धावक पालेंद्र की मौत बनी पहेली


दिल्ली के जवाहरलाल नेहरु स्टेडियम स्थित एथलीट एकेडमी में अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीट पालेंद्र चौधरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
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नई दिल्ली। दिल्ली के जवाहरलाल नेहरु स्टेडियम स्थित एथलीट एकेडमी में अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीट पालेंद्र चौधरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस मामले की जांच कर रही है। दिल्ली पुलिस ने यह घटना मंगलवार(१३ नवंबर) रात करीब ९.०० बजे की बताई है। पुलिस की माने तो मंगलवार रात ९ बजे पीसीआर को दिल्ली के एसजे अस्पताल से फोन आया कि पालेंद्र चौधरी नाम के एक शख्स को यहां इलाज के लिए दाखिल कराया है। पालेंद्र को उसके कोच हरकमलजीत सिंह बेहोशी की हालत में अस्पताल ले आए थे।

पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि पालेंद्र एथलीट एकेडमी के हॉस्टल के कमरा नंबर ६९ में नवंबर २०१६ से रह रहा था। वह यहां १०० और २०० मीटर दौड़ की ट्रेनिंग ले रहा था। कल रात जब उसके कमरे में एक लड़की उससे मिलने पहुंची तो देखा कि उसका शव कमरे के पंखे से लटक रहा था। उसने इस बारे में लोगों को बताया उसके बाद उसे उतारा गया। पालेंद्र के कोच और एक गार्ड उसे पहले जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम के मेडिकल सेंटर ले गए और वहां शुरुआती इलाज के बाद उसे जेएस अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने आज सुबह उसे मृत घोषित कर दिया। पालेंद्र १०० और २०० मीटर दौड़ में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुका है। साथ ही वह २०१७ में बैंकाक में हुए यूथ एशिया एथलेटिक मीट में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुका है। जांच के दौरान पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। अभी आत्महत्या की वजह तलाशी जा रही है। पालेंद्र अलीगढ़ का मूल निवासी था और उसके पिता वहीं रहते हैं। बेटे के बारे में पता चलने पर वह एसजे अस्पताल पहुंच गए।

परविंदर चौधरी के पिता महेश पाल ने कहा कि परविंदर की उनसे बात हुई थी। उसने पिता को बताया था कि उसे पैसे चाहिए। तब उन्होंने उसे आश्वासन दिया था कि वह पैसे देंगे। परविंदर के पिता ने कहा कि मुझे नहीं पता बाद में क्या हुआ। मुझे स्टेडियम के लोगों से कोई शिकायत नहीं है। पालेंद्र के मौत की वजह एक ओर तो पारिवारिक कलह बतायी जा रही है। वहीं कुछ सूत्रों का दावा है कि उन्होंने प्यार में नाकाम रहने पर आत्महत्या कर ली।

– ईएमएस