भारतीय पासपोर्ट, वोटर कार्ड, पैन कार्ड और आधार बनवाकर बांग्लादेशी पहुंचा साउथ अफ्रीका


आईजीआई एयरपोर्ट के टी-३ पर विदेश जानेवाले यात्रियों के दस्तावेजों की जांच कितनी गंभीरता से हो रही है, इसका एक नमूना देखने को मिला।
Photo/Twitter

नई दिल्ली। आईजीआई एयरपोर्ट के टी-३ पर विदेश जानेवाले यात्रियों के दस्तावेजों की जांच कितनी गंभीरता से हो रही है, इसका एक नमूना तब देखने को मिला, जब बांग्लादेश का रहने वाला एक नागरिक भारतीय वोटर कार्ड, पैन कार्ड, आधार और पासपोर्ट बनवाकर टी-३ से साउथ अफ्रीका जा पहुंचा। बावजूद इसके आईजीआई पर इमिग्रेशन अधिकारी उसे पकड़ नहीं पाए, लेकिन साउथ अफ्रीका की पुलिस से वह बच नहीं सका। वहां उसके फर्जीवाड़े को पहचान लिया गया। उसके पास साउथ अफ्रीका जाने के लिए पर्याप्त पैसे भी नहीं थे।

अब दिल्ली पुलिस जांच की है कि आखिर उसने ये तमाम भारतीय दस्तावेज कैसे हासिल किए और केपटाउन जाने का उसका असल मकसद क्या था? साथ ही इस पर भी शक जताया जा रहा है कि कहीं उसे टी-३ से केपटाउन भेजने के पीछे इमिग्रेशन का भी तो कोई अधिकारी शामिल नहीं था? क्योंकि जांच में पता लगा है कि उसके पास जो पासपोर्ट है, वह कोलकाता पासपोर्ट ऑफिस से जारी किया गया था। यानी इस बात की भी जांच की जा रही है कि आखिर कोलकाता पासपोर्ट ऑफिस से इस फर्जी नाम और एड्रेस पर भारतीय पासपोर्ट कैसे बना? इसकी जांच क्यों नहीं कराई गई? पता लगा है कि इस बांग्लादेशी नागरिक का असली नाम स्वप्न बिश्वास है। वह बांग्लोदश के गाजीपुर जिले के एक गांव का रहने वाला है। उसके बांग्लादेश रहते हुए ही कोलकाता में रहने वाले तपन सरकार नाम के एक दलाल ने संजय कुमार मिश्रा नाम से उसके तमाम भारतीय दस्तावेज बनाए। यह सब कोलकाता के फर्जी अड्रेस पर बनवाए गए। इसमें भारतीय वोटर कार्ड, पैन कार्ड, आधार और पासपोर्ट बनवा दिए गए लेकिन इस दौरान किसी भी संबंधित एजेंसी ने उसके कोलकाता वाले अड्रेस पर जाकर यह जांच नहीं की कि क्या वाकई में यह वहां रहता भी है या नहीं?

तमाम दस्तावेज बनने के दौरान वह एक बार भी कोलकाता नहीं आया। ये दस्तावेज उसे बांग्लोदश में उसके घर पर ही भिजवा दिए गए। इसके बाद वह बांग्लादेश से कोलकाता में घुसा और वहां से ट्रेन पकड़कर दिल्ली आ पहुंचा। यहां से वह २१ मार्च को साउथ अफ्रीका की राजधानी केपटाउन के लिए उड़ गया लेकिन केपटाउन एयरपोर्ट पर उसे पकड़ लिया गया। उसे वापस दिल्ली भेज दिया है।

पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि केपटाउन में उसके एक जानकार की दुकान है। उसी के साथ काम करने के लिए वह वहां जा रहा था। पुलिस उसके इस दावे की जांच करा रही है। पुलिस सूत्रों का मानना है कि कोलकाता में कोई न कोई ऐसा गैंग सक्रिय है, जो बांग्लादेशी नागरिकों के कोलकाता में फर्जी नाम और पते पर पासपोर्ट और अन्य भारतीय दस्तावेज बनवा रहा है। संबंधित मंत्रालय को भी सूचना भिजवाई है।

– ईएमएस